अमृतसर| 2022 से केंद्र सरकार की ओर से साहिबजादों के शहीदी दिवस को ‘वीर बाल दिवस’ के नाम से मनाया जा रहा है। संगत की ओर से इस नाम पर आपत्ति जताई गई है क्योंकि यह सिख इतिहास और मर्यादा के अनुरूप नहीं माना जा रहा। लगातार आ रही शिकायतों और प्रस्तावों को देखते हुए श्री अकाल तख्त साहिब ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। श्री हरमंदर साहिब की सर्वोच्च संस्था एसजीपीसी ने भी कई बार पंजाब सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि ‘वीर बाल दिवस’ की बजाय इसे ‘साहिबजादों का शहादत दिवस’ घोषित किया जाए, ताकि सिख मर्यादा और इतिहास का सही सम्मान हो सके।
