बाड़मेर में मीटिंग में निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी और बीडीओ विक्रम जांगिड़ के बीच बहस हो गई। विधायक ने सफाई को लेकर बीडीओ से सवाल पूछा। बीडीओ ने कहा- मीटिंग एजेंडा छोड़ दो और मेरे सवालों का उत्तर दो, इस तरीके से कैसे सवाल होते हैं। भाटी ने कहा कि बीडीओ साहब सवाल का जवाब देना पड़ेगा, एजेंडे में भी है। कितने टेंडर हुए और कहां-कहां भुगतान हुआ, उसका ब्योरा बताओ। बीडीओ ने कहा- आज तो नहीं मिलेंगे। अकाउंटेंट छुट्टी पर है। मैं आपको उपलब्ध करवा दूंगा। दरअसल, शनिवार को रामसर पंचायत समिति की मीटिंग प्रधान की अध्यक्षता में हुई। इसमें शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, एसडीएम रामलाल मीणा, बीडीओ विक्रम जांगिड़ मौजूद रहे। पढ़िए- विधायक, बीडीओ के बीच की पूरी बहस विधायक ने बीडीओ से कहा- मीटिंग में तैयारी के साथ आया करो। बीडीओ- इतने सारे डॉक्यूमेंट लाना संभव नहीं है। विधायक- एसबीएम (स्वच्छता अभियान) की क्या स्थिति है। बीडीओ- टेंडर सभी पंचायतों में हो गए हैं। विधायक- साफ-सफाई हो रही है क्या? बीडीओ- कई ग्राम पंचायतों में हो रही है, जिसमें नहीं हो रही है, उसका भुगतान नहीं होगा। विधायक- कितनी ग्राम पंचायतों में भुगतान हुआ है? बीडीओ- भुगतान केवल रामसर और गागरिया का हुआ है। विधायक- रामसर में सफाई हो रही है? बीडीओ- अभी दो दिन से नहीं हुई, लेकिन करीब-करीब हमेशा होती है। विधायक- अभी रामसर पंचायत समिति में बैठे हैं, उसके पास का जीओ टैगिंग का फोटो है। यह मोदी जी का विजन वाला प्रोग्राम है। बीडीओ- बिल्कुल पता है। विधायक- सुनो, तभी बीच में वहां पर खड़े किसी व्यक्ति ने बोला कि कहां सफाई हुई? बीडीओ- इसको आप राजनीतिक मुद्दा मत बनाओ। विधायक- राजनीति मुद्दा नहीं है? बीडीओ- रोज सफाई होती है। विधायक- बीडीओ साहब आप इधर देखकर बात करो। अगर साफ-सफाई हो रही है तो यह फोटो कहां से आया। बीडीओ- मैं जांच कर लेता हूं। विधायक- इस विजन की इस तरीके से धज्जियां उड़ रही है रामसर पंचायत समिति में। बीडीओ- साहब आप मेरी भी सुन लो, किसी के घर में शादी है, उसने सारा कचरा लाकर रोड पर डाल दिया, जो सफाई की वो तो पानी में गई। साहब ऐसा नहीं होता है। विधायक- फोटो में एक दिन की लग रही है क्या? बीडीओ- सफाई तो होती है। विधायक- मैं कह रहा हूं कि सफाई नहीं होती है। बीडीओ- साहब सफाई होती है। रेगुलर सफाई होती है। विधायक- मैं कहीं और की बात नहीं कर रहा हूं, मोबाइल दिखाते हुए कहा कि आपके पंचायत घर के पीछे की स्थिति यह है। साफ-सफाई के पूरे पैसे कौन खा रहा है। आप बताओ, मुझे नहीं पता है। बीडीओ- साहब पेमेंट जो काम कर रहा है, उनको मिल रहा है। विधायक- जब पेमेंट हुआ है, तो इस तरीके के हालात क्यूं है? बीडीओ- जिस जगह सफाई हुई है, उसी का भुगतान हुआ है। विधायक- बीडीओ से पूछा कि डोर-टू-डोर सफाई कर रहे हो, आप तरीके से सही बैठो। आराम से बैठो, पानी पिलाओ इनको। बीडीओ- बिल्कुल आराम से कोई बैठा हूं, कोई दिक्कत नहीं है। विधायक- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हो रहा है। बीडीओ- आप एक तरफ कचरा उठाने का कह रहे हो, दूसरी तरफ कचरा उठाने की बात कहते हो। विधायक- बीडीओ साहब मेरे से बात करों, दूसरों से बात कर रहे हो, साफ-सफाई तो डोर-टू-डोर होती है। आपने टेंडर किया है। बीडीओ- एक बार तो सफाई होती है, हमने ढेर सारे उठाए हैं हमने। विधायक- डोर-टू-डोर सफाई होती है, आपने टेंडर में डाला है। बीडीओ- पूरे गांव में सफाई होती है। विधायक- डोर-टू-डोर होती है या नहीं? बीडीओ- बिल्कुल होती है। विधायक- आप सीधा जवाब दो, इधर-उधर की बातें क्यूं करते हो। बीडीओ- जी साहब होती है। विधायक- अपने यहां पर हो रही है, रेगुलर होती है। बीडीओ- हां होती है। विधायक- कितनी गाड़ियां लगी है। बीडीओ- दो गाड़ियां लगी हुई है। विधायक- कौन प्रॉपर तरीके से चेक रह रहा है। बीडीओ- ग्राम पंचायतें देखती है और मैं भी देखता हूं। विधायक- कचरे की ऐसी स्थितियां क्यूं बन रही है, अगर रेगुलर हो रहा है तो ऐसे ढेर कैसे लगे हुए हैं। बीडीओ- इसका मैं पता करवा देता हूं। विधायक- यह मैं पंचायत के पीछे की बात कर रहा हूं, इसके अलावा कहां-कहां टेंडर किया है। बीडीओ- गागरिया ग्राम पंचायत में टेंडर किया है, और कहीं नहीं किया है टेंडर। विधायक- बाकी वाली ग्राम पंचायतों के होने है। इसका लेटर एक मंगवाकर दो। किस-किस के टेंडर किए हैं और कब किए हैं। एक बार लेटर मंगवाओ। बीडीओ- आज तो मिलेंगे नहीं, छुट्टी का दिन अकाउंटेंट वगैरा यहां पर नहीं है। विधायक- हम यहीं बैठे हैं। जब दोगे तब जाएंगे। आज अकाउंटेंट छुट्टी पर यह कौनसा तरीका हो गया। बीडीओ- मेरे को पहले पता होता तो मैं कागज तैयार करके रखता। मैं आपको उपलब्ध करवा दूंगा। पंचायत समिति सदस्य आसुराम- सुना आज की साधारण सभा है, इसको आप इस तरीके से मत बनाओ। यह सभा है या फिर मेला है। जो जनप्रतिनिधि आए हैं, उनको बैठाओ, कोरम पूरा कर लो। फिर एमएलए साहब अपनी सुनवाई कर लेंगे। विधायक- सुनो..सुनो.. कोरम पूरा भी करेंगे। यह जो चीजें है न आपका, बीडीओ या किसी के पक्ष का नहीं है। यह स्वच्छ भारत का काम है या दूसरा है, यह अपने लिए ही तो है। रामसर अपना है। यह गांव अपना है। यहां पर सरकार अगर लाखों रुपए भेज रही है तो साफ-सफाई होगी तो आपका और सबका अच्छा लगेगा। पंचायत समिति सदस्य आसुराम- साफ-सफाई होनी चाहिए। विधायक- मैं यहीं कह रहा हूं जब लाखों रुपए आ रहे हैं वो रुपए सफाई पर खर्च नहीं होकर किसी अन्य जगह पर जा रहे हैं। नुकसान आम लोगों का है। सबका नुकसान है। यह पैसा कौन खा रहा है यह स्पष्ट होना चाहिए। बीडीओ- जो काम हो रहा है उसी का भुगतान हो रहा है। कौन खा रहा है। जिनको भुगतान करते हैं, उनको बुलाकर कसम दिलाकर पूछ लो। रुपए दे रहे है या नहीं दे रहे हैं। विधायक- बीडीओ साहब थाथलीज (हड़बड़ाहट) क्यूं रहे हो। बीडीओ- आप बार-बार बोल रहे हो, लेकिन मैं नहीं थाथलीज रहा हूं। विधायक- पहले तो आप कागज मंगवाओ, कितने टेंडर किए, तमाम चीजें की, देखो यह मोदी जी के विजन का प्रोग्राम है। बीडीओ- बिल्कुल विजन का कार्यक्रम है। विधायक- हमारे जो पंचायती राज मंत्री है, उनका फोकस हमेशा इस पर रहता है। उन तमाम चीजों को धरातल पर लाना आपकी और हमारी जिम्मेदारी है। बीडीओ- बिल्कुल है। विधायक- उनको हम देखेंगे कितने धरातल पर आए हैं या नहीं आए हैं। कितने टेंडर हुए, किस तरीके से हुए हैं वो एक बार मंगवाकर हमें दिखा दो। विधायक- भईया आप जवाब दो ऐसे आप नहीं कर सकते हो। बीडीओ- आप कह रहे हो एजेंडा छोड़ दो और मेरे सवाल का उत्तर दो, यह दो। इस तरीके से कैसे सवाल होता है। विधायक- बीडीओ साहब सवाल का जवाब दो। बीडीओ- एजेंडा में नहीं है। विधायक- यह एजेंडे में नहीं है क्या? अरे एक मिनट शांत रहो। पंचायत समिति सदस्य- यह जनप्रतिनिधि है, यहां पर कोई जन सुनवाई नहीं हो रही है। विधायक- आप बैठो, यह जन सुनवाई नहीं है, साहब एक बार आप बैठो। पंचायत समिति सदस्य- आपके पास नियम कायदे नहीं है.. विधानसभा के अंदर जाते हैं क्या ऐसे.. जिला परिषद के अंदर जाते हैं क्या ऐसे? विधायक- यह एजेंडा है, जो आपके काम का है मैं आपके काम की बात कर रहा हूं। बीडीओ- पहले कहते तो ले आता है, अब कागज कहां से ले आऊं। विधायक- कागज तो लाना पड़ेगा। बीडीओ- कल कह देते तो मैं लाकर दे देता। विधायक- काम नहीं करना है आपको, कागज लाना आपका काम है। ……………………. ये खबर भी पढ़िए…
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