व्यावसायिक शिक्षा को अधिक व्यवहारिक और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आटी के विद्यार्थियों का औद्योगिक भ्रमण मंगलवार को आयोजित किया गया। भ्रमण के तहत विद्यालय के कुल 65 विद्यार्थियों का दल कृषि विज्ञान केंद्र दांता पहुंचा, जहां विद्यार्थियों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, सूचना तकनीक के उपयोग तथा कृषि क्षेत्र में कॅरियर की संभावनाओं से अवगत कराया गया। भ्रमण के लिए विद्यार्थियों के दल को पीईईओ विकास संखलेचा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक अनुभव और तकनीकी समझ भी आवश्यक है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार और आत्मनिर्भरता का भाव विकसित करते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र दांता पहुंचने पर विद्यार्थियों का केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा स्वागत किया गया। केवीके के विशेषज्ञ श्यामदास, रामअवतार पारीक, रेखा दातवानी, डॉ. रश्मि दुर्गा पाल एवं हंसराज सैन ने केंद्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केवीके का उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, मृदा परीक्षण, फसल प्रबंधन, पशुपालन, बागवानी एवं जैविक खेती के प्रति जागरुक करना है। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में सूचना तकनीक का कृषि क्षेत्र में अत्यधिक महत्व बढ़ गया है। मोबाइल एप्स, कंप्यूटर, इंटरनेट, ड्रोन तकनीक, मौसम पूर्वानुमान प्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत भी कम कर सकते हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को केवीके में संचालित प्रायोगिक मॉडल, नर्सरी, फसल प्रदर्शन इकाइयों और प्रशिक्षण कक्षों का अवलोकन कराया गया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया और कृषि को कॅरियर के रूप में अपनाने में रूचि दिखाई। विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रतिभा पंड्या ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है। वरिष्ठ शिक्षिका यास्मीन शेख ने भी इस प्रकार की गतिविधियों को शिक्षा को जीवन से जोड़ने वाला बताया।
