पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज शुक्रवार को ट्रेन में सफर के दौरान टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक टॉयलेट रूम का गेट लॉक रहा। आखिरकार रेलवे कर्मचारियों ने टॉयलेट रूम का गेट तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। घटना शुक्रवार को हुई, जिसकी आपबीती भारद्वाज ने शनिवार को फेसबुक पर बताई। उन्होंने घटना का एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें ट्रेन के टॉयलेट रूम का गेट लॉक दिखाई दे रहा है और खोलने पर भी खुल नहीं रहा है। कोटा से जयपुर लौटते समय हुई घटना
टोंक निवासी भारद्वाज ने बताया कि वे शुक्रवार (30 जनवरी) की शाम कोटा-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22981 में कोटा से जयपुर लौट रहे थे। सवाई माधोपुर आने से कुछ किलोमीटर पहले वे ट्रेन के टॉयलेट में फंस गए। करीब एक घंटे तक वे अंदर बंद रहे और इस दौरान उनका दम घुटने की नौबत आ गई। कुछ देर तक तो कुंडी खोलने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह नहीं खुली तो धीरे-धीरे उन्हें बेचैनी होने लगी। उन्होंने चिल्लाकर दूसरे कर्मचारियों को भी आवाज लगाई, लेकिन कोई मदद को नहीं आया। घबराकर उन्होंने अपने रिश्तेदार हरीश शर्मा और आवां के सरपंच अपने बेटे दिव्यांश भारद्वाज को मोबाइल से फोन किया। रेलवे कर्मचारियों ने गेट तोड़कर बचाया
हालांकि दोनों ने रेलवे हेल्पलाइन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तुरंत मदद नहीं मिल पाई। भारद्वाज ने बताया कि ट्रेन का टॉयलेट महज दो फीट गुणा दो फीट का था, जिसमें खड़े रहना भी मुश्किल था। परिजनों के लगातार संपर्क करने पर रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और गेट को खोलने की कोशिश की। लेकिन गेट लॉक हो चुका था। रेलवे कर्मचारियों ने हथौड़े से दरवाजा अंदर की ओर धकेला, जिससे वह टूटकर भारद्वाज के हाथों पर गिरा। उन्हें हल्की चोटें आईं, लेकिन वे सुरक्षित बाहर निकल गए। पूरी घटना में करीब एक घंटे का समय लग गया। बोले- टॉयलेट रूम जाते समय मोबाइल साथ जरूर रखें
महेंद्र भारद्वाज का कहना है कि यात्रियों को ट्रेन के बाथरूम में जाते समय मोबाइल अवश्य साथ रखें, जिससे आपात स्थिति में मदद मांगी जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे को पुराने डिब्बों की टॉयलेट व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी और के साथ ऐसा हादसा न हो।