बांसवाड़ा में महिलाओं के सम्मान में हुए कार्यक्रम में मंच पर जगह नहीं मिलने से बीजेपी की महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नाराज हो गईं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की मौजूदगी में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम हुआ था। इस दौरान वसुंधरा ने मंच पर बैठे पुरुष पदाधिकारियों को उठाकर महिला कार्यकर्ताओं को बैठाया था। वसुंधरा ने कहा- नारी शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस दौरान मंच के सामने कुर्सी पर बैठीं भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शीतल भंडारी भी खड़ी हो गईं। उन्हें मंच पर जगह नहीं मिली तो वह नाराज हो गईं और कार्यकर्ताओं के साथ जमीन पर बैठ गईं। वसुंधरा के कई बार ‘मेरी बहन’ कहकर भंडारी को मंच पर बुलाया, लेकिन वह नहीं गईं। काफी देर समझाने के बाद भी जब भंडारी नहीं मानीं, तो राजे ने कहा- बस, अब एक और शब्द नहीं। इसके बाद वह जमीन से उठकर कुर्सी पर बैठ गईं। कार्यक्रम के समापन के बाद भंडारी ने कहा- पार्टी मेरी मां है और कोई नाराजगी नहीं है। राजे का आज भी क्रेज है। भाजपा ऑफिस में कार्यक्रम की तस्वीरें … मंच से पुरुषों की छुट्टी, महिलाओं को दी जगह
बांसवाड़ा में भाजपा ऑफिस में हुए कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए वसुंधरा राजे ने मंच पर बैठे सभी पुरुष पदाधिकारियों को सामने बैठने के लिए कहा और उनकी जगह महिला कार्यकर्ताओं को बैठने के निर्देश दिए। वसुंधरा ने कहा- नारी शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस दौरान मंच के सामने कुर्सी पर बैठीं भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष शीतल भंडारी भी खड़ी हो गईं। उन्होंने मंच पर जगह नहीं मिलने की बात कही और नाराजगी जताई। नाराज जिलाध्यक्ष जमीन पर जाकर बैठीं
शीतल भंडारी ने कहा- कोई बात नहीं मैं तो आपके (वसुंधरा राजे) सामने जमीन पर बैठ जाऊंगी। इस पर राजे ने महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष को मेरी बहन कहते हुए मंच पर बुलाया। लेकिन वह मंच पर बैठने के बजाय कार्यकर्ताओं के साथ नीचे जमीन पर बैठ गईं। राजे ने कहा- एक शब्द और नहीं
वसुंधरा राजे के मंच पर बुलाने के बाद भी शीतल भंडारी अपनी बात पर अड़ी रहीं और तर्क देने लगीं। इस पर वसुंधरा ने उन्हें बीच में टोकते हुए थोड़ी सख्ती दिखाई और बोलने से रोक दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता ने भी जताई नाराजगी
कार्यक्रम में पहुंचीं निवर्तमान प्रधान और भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता निर्मला मकवाना भी कार्यक्रम से चली गई थीं। उन्होंने कहा- जिनके पास पद नहीं है, उन्हें भी मंच पर जगह मिलती है। मकवाना ने कहा- मेरे पास तो पार्टी में संगठन की जिम्मेदारी है, फिर भी जिला कार्यकारिणी ने स्वागत करने वाले लोगों की सूची में मेरा नाम नहीं रखा था।