वन संपदा की सुरक्षा का जिम्मा जिन कंधों पर था, वही उसे लूटने में जुटे मिले। अवैध खनन के एक बड़े मामले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की सीधी मिलीभगत उजागर होने के बाद विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। जांच में दोषी पाए जाने पर रेंजर फ़र्स्ट ग्रेड, फॉरेस्ट गार्ड, फोरेस्टर, वनपाल, वनरक्षक सहित कुल 5 लोगों को अब तक सस्पेंड किया जा चुका है। संभाग में करौली जिला अवैध खनन का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। हालात यह हैं कि वन संपदा की रखवाली करने वाला अमला ही खनन माफिया का सहायक बन बैठा। अवैध पत्थर खनन के गंभीर मामले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आने के बाद सीसीएफ पी कैथिल के निर्देश पर डीएफओ सुमित बंसल ने रेंज गुढ़चंद्रजी के अधीन वन क्षेत्र भांवराखुर्द वन खंड लालसर मैन में हो रहे अवैध खनन की बार-बार शिकायत पर वनरक्षक कमल सांखला, वनरक्षक हाल वनपाल, प्रताप मीना की अवैध खनन में लिप्तता पाए जाने पर निलंबित किया। वहीं, बयाना रेंज के बंशी पहाड़पुर में भी लगातार खनन को देखते हुए भी पीसीसीएफ ने रेंजर फर्स्ट ग्रेड लाखन सिंह व फोरेस्टर गार्ड जितेंद्र गुर्जर व सीकरी के फॉरेस्टर शौकीन को भी निलंबित किया।
