राजस्थान हाईकोर्ट ने वकील की सुरक्षा हटाने पर जयपुर पुलिस कमिश्नर को अवमानना नोटिस जारी करते हुए उनसे जवाब मांगा है। जस्टिस गणेशराम मीणा की अदालत ने यह आदेश अधिवक्ता आर एस राघव की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया था कि उन्हें हाईकोर्ट के आदेश से सुरक्षा मिली थी। हाईकोर्ट के आदेश में सुरक्षा जारी रखने के स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई और बाद में रिप्रजेंटेशन के बावजूद भी सुरक्षा बहाल नहीं की गई। इस पर कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को 2 सितंबर तक जवाब पेश के निर्देश दिए। जानबूझकर आदेश की अवहेलना का आरोप दरअसल, अधिवक्ता आरएस राघव साल 2014 से मार्च 2019 तक हाईकोर्ट में लोक अभियोजक के रूप में कार्यरत रहे थे। उन्होंने 4 अगस्त 2015 को सरकार की ओर से एक जमानत याचिका का विरोध किया था। जमानत का विरोध करने के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से राघव को धमकी दी गई थी। जिसके बाद उन्होने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुरक्षा मांगी थी। 20 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने के निर्देश दिए थे। अवमानना याचिका में पुलिस कमिश्नर पर आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बावजूद सुरक्षा वापस ले ली। उन्होंने इसे सिविल अवमानना बताते हुए कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।