लुधियाना के दरेसी मैदान में चल रहे दशहरा मेले को लेकर सत्तापक्ष के विधायक और विपक्षी मेला ठेकेदार आमने सामने हो गए। मेला लगाने वाले ठेकेदार ने लुधियाना सेंट्रल हलके के विधायक अशोक पराशर पप्पी पर 10 लाख रुपए मांगने के आरोप लगाए। जिसके बाद विपक्षी दलों के नेताओं ने दरेसी ग्राउंड के बाहर सड़क पर धरना दिया। AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी ने सोमवार को मेला ठेकेदार अशोक कुमार को मानहानि का नोटिस भेज दिया है। अशोक पराशर पप्पी ने सोमवार देर शाम सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं की शय पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। ठेकेदार ने सड़क पर रेहड़ियां लगवाई हैं और उनसे रोज के दो दो हजार रुपए ले रहा। सड़क पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। लोगों ने शिकायत की तो नगर निगम ने यह कार्रवाई की। विधायक ने कहा कि ठेकेदार ने उन पर झूठे आरोप लगाए हैं। इसलिए ठेकेदार को मानहानि का नोटिस भेजा है। नोटिस के बाद उनके खिलाफ मानहानि का केस किया जाएगा। विधायक का आरोप- मेला ठेकेदार के पास नहीं हैं परमिशन विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि ठेकेदार और मेला कमेटी ने मेला लगाने के लिए परमिशन नहीं ली है। बिना परमिशन के मेला चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो अपने को ठेकेदार बता रहा है, वह कर्मचारी है तो उसने करोड़ों का ठेका कैसे ले लिया। इसकी भी विजिलेंस जांच करवाई जाएगी। मैं सनातनी ब्राह्मण हूं- पप्पी अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि उसे सनातन विरोधी बता रहे हैं। उन्होंने विरोधियों को कहा कि वो सनातनी ब्राह्मण हैं। हर साल संकट मोचन हनुमान यात्रा निकालते हैं। कोरोना के वक्त पाबंदियों के कारण अकेले ही दरेसी से शाहरपुर रोड तक झंडा लेकर निकले थे। उन्होंने कहा को भगवान राम का डोला रोकने के बारे में सोच भी नहीं सकते। यह सब विरोधियों की चाल है। जिनको मैंने हराया, वही भगवान के डोले के आगे बैठे थे- पप्पी अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि जिनको उन्होंने चुनाव में हराया वही भगवान के डोले को रोककर बैठे थे। असली सनातन विरोधी तो वो हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के हारे हुए नेता, कांग्रेस के पूर्व विधायक और कांग्रेस के प्रदेश प्रधान उस धरने में थे। ये सभी उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
