पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक सरकारी कर्मचारी को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सरबजीत सिंह उर्फ बिट्टू निवासी न्यू दीप नगर, चूहड़पुर रोड, हैबोवाल कलांलुधियाना के रूप में हुई है। विजिलेंस ब्यूरो को शिकायतकर्ता अरमिंदर सिंह निवासी बाबा दीप सिंह नगर, लुधियाना ने शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उसके पिता लक्ष्मण सिंह ने वर्ष 2010 में मुरादपुर स्थित साइकिल मार्केट में 60 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था और उसका कब्जा भी ले लिया था। अधिकारियों के साथ पहचान का दिया हवाला शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2020 में उन्हें पता चला कि उक्त जमीन से संबंधित एक कथित फर्जी रजिस्ट्री किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर करवाई गई है। मामले की जांच के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी सरबजीत सिंह उर्फ बिट्टू, जो तहसील कार्यालय से जुड़ा कर्मचारी है। अधिकारियों के साथ अपनी पहचान का हवाला देकर रजिस्ट्री संबंधी मामला सुलझाने का भरोसा दे रहा था। विजिलेंस टीम के जाल में फंसा आरोप है कि आरोपी ने पूरा काम करवाने के लिए 3.50 लाख रुपए की मांग की थी। इसके अलावा उसने शुरुआती किस्त के तौर पर 25 हजार रुपए और तत्काल 5 हजार रुपए रिश्वत देने की मांग की। शिकायत मिलने के बाद उप कप्तान पुलिस (डीएसपी) शिव चंद की निगरानी में विजिलेंस ब्यूरो ने जाल बिछाया। सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को लुधियाना की कचहरियों के बाहर स्थित एक ढाबे के पास 5 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया गया। विजिलेंस टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी की बरामद कार्रवाई के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को सरकारी गवाह बनाया गया। विजिलेंस टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।