लुधियाना के प्रताप चौक और चीमा चौक पर बुधवार को जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। यहां राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ और वाल्मीकि समाज के लोगों ने एक सफाईकर्मी की मौत के बाद ठेकेदार और सुपरवाइजर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार और सुपरवाइजर का पुतला फूंका और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चीमा चौक पर न केवल पुतला फूंका बल्कि सड़क भी जाम कर दी जिससे यातायात प्रभावित हुआ। साथ ही प्रताप चौक डंप के बाहर भी जोरदार नारेबाजी की और अपना गुस्सा व्यक्त किया। रिटायरमेंट से ठीक पहले गई जान
मृतक सफाई कर्मचारी की पहचान गुरजीत सिंह करीब 42 वर्ष के रूप में हुई है। गुरजीत अगले दो साल में रिटायर होने वाले थे लेकिन ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना ने न केवल उनके परिवार को झकझोर दिया है बल्कि पूरे सफाई कर्मचारी समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? प्रदर्शनकारियों और मृतक के परिजनों ने ठेकेदार और सुपरवाइजर पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि गुरजीत सिंह जिस जगह काम कर रहे थे वहां असहनीय गंदगी और बदबू थी। मृतक के साथियों और परिजनों ने आरोप लगाया कि 42 वर्षीय गुरजीत लगातार काम की जगह की भयानक बदबू और गंदगी के कारण तनाव में थे जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाए। ठेकेदार और सुपरवाइजर पर लापरवाही का आरोप एक रिश्तेदार ने दुख जताते हुए कहा काम की जगह पर इतनी बदबू और गंदगी थी कि मृतक उसे सह नहीं पाया। प्रदर्शनकारी संगठनों ने सीधे तौर पर ठेकेदार और सुपरवाइजर को गुरजीत की मौत का जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि ये लोग सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं हैं और लगातार लापरवाही बरतते हैं। महासंघ ने दी चेतावनी प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ पंजाब के प्रभारी वरुण कुमार वैद ने घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा वाल्मीकि समाज को जानवर समझा जा रहा है, यह नहीं होना चाहिए। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि देश में इस तरह अफसरों द्वारा बेइज्जती किए जाने की घटनाओं पर तुरंत लगाम लगनी चाहिए।
विरोध प्रदर्शन मृतक के परिवार के लिए न्याय और दोषी ठेकेदार व सुपरवाइजर पर सख्त कार्रवाई। वाल्मीकि समाज और महासंघ ने साफ कर दिया है कि जब तक मृतक के परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती उनका यह विरोध जारी रहेगा।
