पंजाब सरकार के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूत करने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी प्लेवे स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, लेकिन लुधियाना जिले में इसका असर अब तक सीमित रहा है। जिले के 256 प्लेवे स्कूलों में से अभी तक केवल दो स्कूलों ने ही पंजीकरण कराया है। पंजीकरण प्रक्रिया का बच्चों के लिए अनुकूल माहौल होगा सुनिश्ति यह पहल राज्य की अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ECCE) नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य तीन से छह वर्ष तक के बच्चों के समग्र विकास और कल्याण को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के अनुसार, पंजीकरण प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्कूल सुरक्षित, संरक्षित और बच्चों के अनुकूल माहौल प्रदान करें। जांच प्रक्रिया के दौरान स्कूलों से इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और सुरक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है। इसमें कक्षाओं और खेल क्षेत्रों का आकार, शौचालयों की उपलब्धता, बच्चों और दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय, सीसीटीवी कैमरे, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और पंजीकृत डॉक्टरों द्वारा नियमित स्वास्थ्य जांच शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों को शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण से बचाने के उपायों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा फ्लोर इवैक्यूएशन प्लान, बिजली सुरक्षा, बिना रुकावट गलियारे और सीढ़ियां, सक्रिय पैरेंट्स-टीचर्स एसोसिएशन तथा शिकायत निवारण प्रणाली जैसे पहलुओं का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। साथ ही भावनात्मक और सामाजिक सुरक्षा, साइबर सेफ्टी, खेल मैदान की सुरक्षा, निर्माण कार्य से बचाव और परिवहन सुरक्षा जैसे मानकों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। दो स्कूलों ने की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी बाल विकास परियोजना के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक केवल आइवी प्ले स्कूल और सर्वोदय हितकारी स्कूल ने पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की है। उन्होंने कहा कि 18 अन्य आवेदन मिले हैं, जिनका सत्यापन लंबित है। स्टाफ की कमी के कारण प्रक्रिया थोड़ी धीमी रही है, लेकिन इसे तेज करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी निजी प्लेवे स्कूलों से जल्द से जल्द पंजीकरण कराने और सरकारी मानकों का पालन करने की अपील की। पंजीकरण फॉर्म जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं।