लुधियाना में खन्ना से मलेरकोटला जाने वाली बसों का रूट वाया रौणी गांव बंद किए जाने के विरोध में इलाके के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साए ग्रामीणों ने खन्ना-मलेरकोटला रोड पर जाम लगाकर प्रशासन और परिवहन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन जरग गांव के पास हुआ, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। एक दर्जन से ज्यादा गांवों को हो रही परेशानी प्रदर्शनकारियों ने बताया कि खन्ना से मलेरकोटला तक बसें पहले रौणी गांव से होकर गुजरती थीं। इससे आसपास के कई गांवों के लोगों को सीधी सुविधा मिलती थी। उनका कहना है कि यह रूट वर्ष 1971 से लगातार चल रहा था और इलाके के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी था। ग्रामीणों के अनुसार,कुछ दिनों से इस रूट को बंद कर बसें सीधे चलाई जा रही हैं। इससे एक दर्जन से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं। खासकर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अतिरिक्त साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान, कुछ लोगों ने पंजाब रोडवेज के एक कंडक्टर पर खराब व्यवहार करने का आरोप भी लगाया।

रूट बहाल करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी धरने पर बैठे लोगों ने तुरंत पुराना रूट बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें जल्द पूरी हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को शांत करने की कोशिश की और मामले को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का भरोसा दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और रूट बहाल होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।