लुधियाना पुलिस ने फर्जी डोप टेस्ट घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी सिविल अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के तौर पर काम कर रहे थे और पिछले सात साल से इस धोखाधड़ी में शामिल थे। एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रमी राम और अवतार सिंह के रूप में हुई है। रमी राम सरकारी अस्पताल लुधियाना में स्वीपर के पद पर कार्यरत है, जबकि अवतार सिंह जवाहर नगर का निवासी है। आरोपियों को पूरी जानकारी जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी सिविल अस्पताल में कच्चे कर्मचारी के तौर पर लैब टेक्नीशियन का काम करते थे। वे सिस्टम की पूरी जानकारी रखते थे कि फाइलें किन अधिकारियों के पास जाती हैं और कब प्रयोगशाला में आती हैं। ये लोगों को सस्ते में काम करवाने और विभागों के चक्कर काटने से बचाने का लालच देते थे। आरोपी लोगों के पेशाब सैंपल बाहर ही ले लेते थे और उन्हें फर्जी डोप टेस्ट सर्टिफिकेट बनाकर दे देते थे। कोर्ट में किया गया पेश पुलिस ने 16 अक्टूबर को आरोपियों के खिलाफ थाना सलेमपुर टाबरी में एफआईआर नंबर 185, धारा 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया है। एडीसीपी वर्मा ने यह भी बताया कि इस गड़बड़ी में और लोगों की संलिप्तता की संभावना है। पुलिस ने संबंधित दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। एडीसीपी समीर वर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
