पंजाब में लुधियाना के नगर निगम ऑफिस में कांग्रेस नेताओं और एडिशनल कमिश्नर परमदीप खैहरा में तूतू-मैंमैं हो गई। एडिशनल कमिश्नर ने चेतावनी दी कि अगर सरकारी काम में रुकावट डाली तो पर्चा दर्ज करा दूंगा। इस पर कांग्रेस नेता बोले कि तू पर्चा करा के देख, हम भी देखते हैं कि यह कितना बड़ा पर्चा है। काफी देर तक माता रानी चौक स्थित जोन ए ऑफिस में दोनों तरफ से बहस चलती रही। बाद में कांग्रेस के कुछ दूसरे नेताओं ने बीचबचाव किया। जिसके बाद कांग्रेसी एडिशनल कमिश्नर के ऑफिस में वापस पहुंचे। जहां पूरे मामले को शांत किया गया। हालांकि बहस का वीडियो वायरल होने के बाद पूरा मामला उजागर हो गया है। जानिए कैसे शुरू हुआ विवाद
इस विवाद की शुरुआत सरकारी काम में रुकावट डालने का आरोप को लेकर हुई। नगर निगम के मुलाजिमों ने पार्षद इंद्रजीत सिंह इंदी, सनी भल्ला और पार्षद अरुण शर्मा के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत की थी। इस पर एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह खैहरा ने सख्त रुख अपनाते हुए भविष्य में रुकावट डालने वालों पर कड़ा एक्शन लेने की बात कही थी। जब शिकायत को लेकर तीनों कांग्रेस नेता इंदी, भल्ला और शर्मा एडिशनल कमिश्नर के ऑफिस पहुंचे तो वहां बहस हो गई। एडिशनल कमिश्नर ने कह दिया कि जो रुकावट डालेगा, उसके खिलाफ पर्चा दर्ज कराया जाएगा। एडिशनल कमिश्नर बाहर निकले तो कांग्रेस नेताओं ने घेरा
जब एडिशनल कमिश्नर अपने ऑफिस से बाहर निकले तो कांग्रेस नेताओं ने उन्हें घेर लिया। वहां उनके बीच सरेआम बहस होने लगी। कांग्रेस नेताओं ने एडिशनल कमिश्नर खैहरा की गाड़ी रोक ली। खैहरा ने यहां फिर कहा कि सरकारी काम में रुकावट डालने वालों पर पर्चा होगा। इसके बाद कांग्रेसी भड़क गए और बहस करने लगे। जिसके बाद कांग्रेस नेता इंदी ने एडिशनल कमिश्नर को कहा कि सारे एजेंसियों ने पर्चे कर लिए, तू भी करा ले। हालांकि सरेआम तू तू-मैं मैं होने पर एडिशनल कमिश्नर बैकफुट पर आ गए और फिर दूसरे नेताओं को बीच में डालकर बात करने लगे। पार्षद इंदी बोले- एडिशनल कमिश्नर ने गुस्से में बात की
इस बारे में कांग्रेस पार्षद इंद्रजीत इंदी ने बताया कि वे एडिशनल कमिश्नर के साथ मीटिंग के लिए गए थे। मीटिंग में एडिशनल कमिश्नर ने जनप्रतिनिधि होने के बावजूद पार्षदों के साथ बेहद गुस्से में बात की। बाहर आकर पार्षद अरूण शर्मा के साथ भी गलत तरीके से बात की। जिसके कारण यह बहस हुई है। एडिशनल कमिश्नर बोले- पार्षदों ने बहस की
वहीं एडिशनल कमिश्नर परमदीप सिंह खैहरा ने कहा कि उन्होंने तो सिर्फ यही कहा था कि जो सरकारी काम में बाधा डालेंगे, उन पर पर्चा दर्ज होगा, ताकि आम जनता के काम न रुकें। उसके बाद पार्षदों ने बहस शुरू कर दी। अब विस्तार से पूरी बातचीत पढ़िए… पार्षद इंदरजीत इंदी: आपने कैसे कह दिया कि पर्चा दे दूंगा। एडिशनल कमिश्नर: मैंने ऐसा नहीं कहा। अरूण शर्मा: आपने कहा नहीं ऊपर मीटिंग में पर्चा दे दूंगा। एडिशनल कमिश्नर: मैंने ये कहा कि जो भी सरकारी काम में बाधा डालेगा, उस पर पर्चा दूंगा। इंदरजीत इंदी: मैं मशीनरी लेकर लोगों के काम करवा रहा था। क्या ये सरकारी विघ्न हो गया है। अरूण शर्मा: अगर हम बड़े हैं तो हमारा फर्ज बनता था ग्राउंड पर क्या हो रहा है ये पूछते। एडिशनल कमिश्नर: अभी हुआ पर्चा। सभी पार्षद: पर्चा हो भी जाए क्या हो जाएगा। पर्चा होने से क्या हो जाएगा। पर्चे हो भी चुके हैं। इंदरजीत इंदी: आपको बात सुननी चाहिए थी। अगर कोई ये कहता है कि मैं कैंट हूं तो मैं भी कैंटों का कैंट हूं। ये बहम निकालना है। ये फतूर लेकर न रहें दिमाग में। एडिशनल कमिश्नर: फिर ठीक है। इंदरजीत इंदी: गाड़ी रोकी है तू पर्चा दे दे यार। तू मुलाजिम। एडिशनल कमिश्नर: बेटा तू सही तरीके से बोल। इंदरजीत इंदी: बेटा नहीं कहना। हाथ परे रख। हम इज्जत करते हैं तो इज्जत करवाओ। एडिशनल कमिश्नर: पर्चा दे ही नहीं रहा हूं अभी। तू नहीं कहना। इंदरजीत इंदी: आओ गाड़ी के आगे बैठो,इसको पर्चा करने दो। अरूण शर्मा: आपने कहा था कि पर्चा करूंगा। एडिशनल कमिश्नर: मैंने कहा था जो सरकारी काम में बाधा डालेगा उस पर पर्चा करूंगा। सभी पार्षद: चुने हुए पार्षद हैं कैसे पर्चा कराओगे। अरूण शर्मा: पर्चा देना है दे दो। पर्चे से नहीं डरते। आपकी ड्यूटी नहीं हे ये बात करने की। आप पार्षद को बुलाते और कहते कि क्या परेशानी है। तुम मुलाजिमों को कह रहे कि पर्चे करवा दो। एडिशनल कमिश्नर: अभी कोई रिपोर्ट ही नहीं है। इंदी: जो भी पर्चा करना है करवाओ। ED, विजिलेंस व जो भी है करवाओ। एडिशनल कमिश्नर: जब रिपोर्ट आएगी तब देखेंगे कौन सा पर्चा होना है। सभी पार्षद: करवाना है तो करवा दो पर्चा, लेकिन आप ऐसा क्यों धमका रहे हो। एडिशनल कमिश्नर: सरसरी बात भी नहीं कर सकता है कोई। जो भी कर्मचारी विघ्न डालेगा चाहे वो एमएलए है या पार्षद पर्चा दे दूंगा।
