लुधियाना में इंटरस्टेट बस टर्मिनल (ISBT) के बाहर आए दिन सड़क दुर्घटना में लोग जान गंवा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन यहां पर फुट ओवरब्रिज (FOB) नहीं बना रहा है। पंजाब स्टेट ह्यूमन राइट कमिशन ने लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर व नगर निगम कमिश्नर को इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सामाजिक कार्यकर्ता अरविंदर शर्मा ने पंजाब स्टेट ह्यूमन राइट कमिशन को शिकायत भेजी थी और कहा कि बस स्टैंड के बाहर रोजाना हजारों की तादात में लोग पैदल सड़क क्रॉस करते हैं। सड़क क्रॉस करते समय कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से यहां पर पैदल चलने वालों के लिए फुट ओवरब्रिज या अंडरपास बनाने की डिमांड कर चुके हैं। प्रशासन इस डिमांड को लंबे समय से नजरअंदाज कर रहा है। अरविंद शर्मा की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मानवाधिकार आयोग ने डीसी व कमिश्नर से जवाब मांगा है। डीसी हिमांशु जैन व नगर निगम कमिश्नर डॉ. नीरू कत्याल गुप्ता को 12 मार्च से पहले कमिशन को जवाब देना होगा। अरविंदर शर्मा ने बताया कि दो महीने पहले एक दुर्घटना के बाद उन्होंने यह शिकायत आयोग को दी थी। बस स्टैंड के बाहर क्यों है फुटओवर ब्रिज की जरूरत, जानिए… दो महीने पहले बेकाबू बस ने कुचल दिए थे सात लोग बता दें कि, दो महीने पहले बस स्टैंड के बाहर बेकाबू बस ने सात लोगों को कुचल दिया था। एक व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल किया गया था। दो साल पहले बस ने कुचले थे तीन लोग दो साल पहले रात को बस स्टैंड के बाहर एक बस ने तीन लोगों को कुचल दिया था। जिसमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। अरविंद शर्मा ने बताया कि बस स्टैंड के बाहर ऐसी घटनाएं लगातार होती रहती हैं। NHAI ने रखा था प्रपोजल, नहीं मिली थी स्पेस एनएचएआई के अधिकारियों ने बस स्टैंड के बाहर फुट ओवर ब्रिज की प्रपोजल दिया था, लेकिन लोकल अथॉरिटी से स्पेस न मिलने के कारण एनएचएआई ने इस प्रपोजल को ड्रॉप कर दिया। उसके बाद भी कई बार फुट ओवरब्रिज बनाने की मांग होती रही।