लुधियाना के जगराओं में पुलिस ने स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाना शुरू कर दिया। जगराओं थाना सिटी के एसएचओ परमिंदर सिंह ने सन्मति विमल जैन स्कूल में स्कूल प्रबंधकों व बस चालकों के साथ बैठक की और उन्हें स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त हिदायतें जारी की। एसएचओ परमिंदर सिंह ने स्कूल बस ड्राइवरों को साफ कह दिया कि अगर ट्रैफिक नियमों और सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ड्राइवरों को स्कूल बस धीमी गति से चलाने और सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखने की हिदायत दी। स्टूडेंट बिना लाइसेंस के दोपहिया वाहन चलाते दिखे तो होगी कार्रवाई एसएचओ परमिंदर सिंह ने स्कूल के स्टूडेंट्स को कहा कि जिनके पास लाइसेंस नहीं है वो दो पहिया वाहन लेकर स्कूल न आएं। उन्होंने कहा कि रास्ते में या स्कूल के बाहर अगर कोई स्टूडेंट बिना लाइसेंस व अन्य दस्तावेजों के वाहन चलाता हुआ पकड़ा गया तो उसके वाहन को इंपाउंड कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में उनके पेरेंट्स को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। स्कूल की छुट्‌टी के वक्त लगेंगे विशेष नाके स्कूल की छुट्टी के समय होने वाली ट्रैफिक अव्यवस्था को रोकने के लिए पुलिस विशेष नाके लगाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस कर्मी जहां छुट्‌टी के वक्त स्कूलों के बाहर ट्रैफिक को रेगुलेट करेगी वहीं बिना लाइसेंस के दो पहिया वाहन चलाने वाले स्टूडेंट की जांच भी की जाएगी। स्कूल के बाहर खड़े रहने वाले विद्यार्थियों और शरारती तत्वों पर नज़र रखने के लिए पीसीआर कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। स्कूल प्रबंधन का आश्वास सभी वाहन नियमों के अनुरूप चलाएंगे स्कूल प्रबंधन की ओर से अध्यक्ष रमेश जैन और प्रिंसिपल सुप्रिया खुराना ने पुलिस को आश्वासन दिया कि सभी बसों के डाक्यूमेंट्स पूरे किए जाएंगे। बिना डॉक्यूमेंट के कोई भी स्कूल वाहन चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों और पेरेंट्स को भी इस बारे में जागरूक किया जाएगा। स्कूल बस के लिए नियम स्कूल बस पीले रंग की होनी चाहिए। बस में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए और बस की अधिकतम गति 40 किमी/घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिए। खिड़कियों पर ग्रिल लगी होनी चाहिए ताकि छात्र अपना हाथ बाहर न निकाल सकें। बस में आपातकालीन निकास द्वार होना चाहिए। बस में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशामक यंत्र होना चाहिए। बस पर स्कूल का नाम, पता, पुलिस व चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर साफ तौर पर लिखे होने चाहिए। बच्चों की लोकेशन जानने के लिए बस में जीपीएस सिस्टम लगा होना अनिवार्य है। चालक और अटेंडेंट के लिए नियम बस चालकों के पास कम से कम 5 साल का अनुभव और वैध लाइसेंस होना चाहिए। छात्रों की सुरक्षा और देखभाल के लिए बस में एक महिला अटेंडेंट होना जरूरी है। बच्चो के लिए नियम बस आने से कम से कम पांच – सात मिनट पहले बस स्टॉप पर पहुंचें। बस का इंतजार करते समय सड़क से दूर सुरक्षित स्थान पर रहें। बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही चढ़ें या उतरें और जल्दबाजी ना करे। बस में शरीर का कोई भी अंग खिड़की से बाहर न निकालें। बस में कोई भी शरारत न करें और चुपचाप अपनी सीट पर बैठे रहें।