अलवर में लापता भाई के बीमा के पैसे हड़पने के लिए अन्य युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने 7 साल बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने मुख्य आरोपी के दो दोस्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20-20 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। वहीं मास्टर माइंड अनिल फरार है। जिसके चलते मुख्य आरोपी पर फैसला लंबित रखा गया है। मंगलवार को अलवर के एडीजे कोर्ट संख्या-1 में फैसला सुनने के बाद मृतक युवक रामकेश के पिता राजू रोने लगे। उन्होंने कहा- ‘सात साल से मैं अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए भटक रहा था। आज कोर्ट के फैसले से मुझे सच्चा न्याय मिला है। अब मैं मंदिर जाकर भगवान को प्रसाद चढ़ाऊंगा।’ सरकारी वकील नवनीत तिवारी ने बताया- मामला 30 सितंबर 2018 का है। आरोपी पवन खत्री और याकूब को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं मास्टरमाइंड अनिल कोर्ट में पेश नहीं हुआ, इसलिए उसका फैसला लंबित रखा गया है। अब पढ़िए क्या था मामला 1- लापता भाई को मरा बताने की प्लानिंग
सरकारी वकील ने बताया- अलीपुर निवासी अनिल का भाई सुनील लापता था। अनिल ने अपने भाई के एलआईसी के 60 लाख रुपए पाने के लिए उसे मरा साबित करने की प्लानिंग की। अपने साथियों पवन और याकूब के साथ षड्यंत्र रचा कि भाई सुनील जैसी कद-काठी वाले युवक की हत्या कर उसके शव को सुनील का बता देंगे। इसके बाद इंश्योरेंस के पैसे हासिल कर लेंगे। 2- ढाबे पर काम करने वाले युवक से दोस्ती,फिर हत्या की थी
प्री-प्लान के तहत तीनों ने अलवर स्थित महावीर ढाबे पर काम करने वाले सालपुर निवासी रामकेश (24) को चुना। उसकी कद-काठी सुनील से मिलती-जुलती थी। आरोपियों ने रामकेश से दोस्ती की। इसके बाद 30 सितंबर को बोलेरो में बैठाकर नए कपड़े और जूते दिलाए। इसके बाद सिलीसेढ़ के पास श्योदानपुरा में उसे शराब पिलाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी जेब में सुनील खत्री का वोटर आईडी कार्ड डाल दिया था। इस आधार पर पुलिस ने सुनील खत्री के परिजनों को सूचना देकर पंचनामा करवाया। परिवार शव का अंतिम संस्कार करने वाला था। 3- अंतिम संस्कार रोका, आरोपियों को पकड़ा था
इस बीच मृतक रामकेश के परिचित ने उसे पहचान लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस शव को वापस लेकर आई और उसके परिवार से उसकी पहचान करवाई। उन्होंने सालपुर निवासी रामकेश भोपा के रूप में पहचान की। इसके बाद परिजनों ने हत्या का मामला दर्ज करवाया था। सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच करते हुए अलीपुर निवासी अनिल खत्री और पवन खत्री को गिरफ्तार किया था। इस बीच मृतक रामकेश के चाचा ने एक और रिपोर्ट दी थी कि उसके भतीजे रामकेश योगी की हत्या अलापुर निवासी सुनील खत्री के परिवार के लोगों ने की है। पुलिस ने अनिल से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि भाई सुनील खत्री की 60 लाख रुपए की एलआईसी पॉलिसी को उठाने के चक्कर में रामकेश की हत्या की थी क्योंकि उसकी कद-काठी सुनील से मिलती थी। मास्टरमाइंड पर फैसला लंबित
सरकारी वकील ने बताया- मामले में आरोपी अनिल, पवन और याकूब को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद वे जमानत पर बाहर थे। आज मामले में सुनवाई के बाद पवन और याकूब को सजा सुनाई गई। वहीं मास्टरमाइंड अनिल कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस कारण उसका फैसला लंबित रखा गया है।
