कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार की ओर से चल रहे सांस्कृतिक सृजन पखवाड़े के तहत गुरुवार को विभिन्न कला कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर एवं राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में स्कूल ऑफ आर्ट्स परिसर में कला वार्ता आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता विजय धोरे ने विकसित भारत में कलाओं का योगदान विषय पर विद्यार्थियों से संवाद किया। चर्चा सत्र में कॉलेज के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समन्वय पंकज यादव ने किया। अकादमी सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि इसी कड़ी में वनस्थली विद्यापीठ में लघुचित्र शैली एवं जलरंग कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इस कार्यशाला में 200 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। वरिष्ठ कलाकार संजीव शर्मा मुख्य प्रशिक्षक और मनोज टेलर कार्यक्रम के समन्वयक हैं। यह कार्यशाला 20 सितम्बर तक चलेगी। इसके साथ ही अकादमी संकुल में भी फ्रेस्को कार्यशाला शुरू की गई है, जिसमें वरिष्ठ चित्रकार डॉ. नाथूलाल वर्मा युवा कलाकारों और कला प्रेमियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह कार्यशाला 26 सितम्बर 2025 तक आयोजित की जाएगी। सांस्कृतिक सृजन पखवाड़े की इन गतिविधियों ने कला के प्रति युवाओं में उत्साह जगाया और उन्हें पारंपरिक एवं आधुनिक कला शैलियों से रूबरू कराया।