लखनऊ के चारबाग इलाके की गलियों में अगर आप सुबह-सुबह निकलें, तो एक बदली हुई तस्वीर नजर आती है. जहां कभी गैस सिलेंडरों से भरी गाड़ियां होटल और रेस्टोरेंट के बाहर खड़ी दिखती थीं, अब वहां कोयले से लदे ट्रॉली और ट्रक नजर आते हैं. धुएं की हल्की परत हवा में तैरती है और बड़े-बड़े चूल्हों पर जलती आग यह कहानी खुद बयां कर देती है…