रेलवे खाली पदों को भरने के लिए सीधी भर्ती, अप्रेंटिसशिप, री-अपॉइंटमेंट, स्पोर्ट्स कोटा, एक्स आर्मी कोटा से पदों को भरता है। लेकिन अब रेलवे ने भर्ती का नया फॉर्मूला निकाला है। जो भूतपूर्व सैनिकों की पॉइंट्समैन पदों पर भर्ती का है। भूतपूर्व सैनिकों की ये भर्ती स्थायी नहीं, बल्कि संविदा पर है। दरअसल, रेलवे के यातायात विभाग में स्टेशन और यार्ड में कार्य करने के लिए पॉइंट्समैन के पदों को संविदा आधार पर भूतपूर्व सैनिकों से अस्थायी आधार पर भरा जाएगा। रेलवे बोर्ड के निदेशक/संस्थापना (एन) यू.के. तिवारी ने उत्तर पश्चिम सहित सभी जोनल रेलवे के जीएम को निर्देश जारी किए कि पॉइंट्समैन के पदों को नियमित रूप से भरे जाने तक ऐसी भर्ती की जा सकती है। इससे पहले बोर्ड ने गेटमैन के रिक्त पदों को अस्थायी रूप से संविदा आधार पर भरने के आदेश जारी किए थे। संविदा आधार पर भर्ती होने वाले पूर्व सैनिक को पॉइंट्समैन के लिए निर्धारित प्रशिक्षण पास करना आवश्यक होगा। पॉइंट्समैन के पदों पर वर्ष 2023 में भर्ती हुई थी। लेकिन कर्मचारियों के अन्य पदों पर पदोन्नत होने, सेवानिवृत्ति सहित अन्य कारणों से बड़ी संख्या में पद खाली हो गए हैं। ऐसे में बोर्ड ने देशभर में 5058 पदों पर संविदा आधार पर भूतपूर्व सैनिकों को नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। अजमेर, बीकानेर, जयपुर और जोधपुर मंडल में करीब डेढ़ हजार पॉइंट्समैन के पद खाली हैं। ट्रैक मेंटेनर के भी 3.5 हजार पद खाली, असर- पेट्रोलिंग ज्यादा करनी पड़ रही उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर सहित चारों मंडलों में ट्रैक मेंटेनर/गैंगमैन के करीब 3.5 हजार पद खाली हैं। दरअसल, दिल्ली-अहमदाबाद-मुंबई वाया जयपुर-अजमेर-कोटा सेक्शन में डबलिंग होने से और दौसा-गंगापुर सिटी जैसे नए सेक्शन खुलने के कारण ट्रैकमेंटेनेर के नए पद सृजित होने चाहिए थे, लेकिन अभी मौजूदा स्टाफ (7 हजार ट्रैकमैन/गैंगमैन) से ही पेट्रोलिंग और ट्रैक मेंटेनेंस का कार्य कराया जा रहा है। यूनियन के मंडल अध्यक्ष के. एस. अहलावत और मंडल मंत्री राकेश यादव ने बताया कि रेलवे द्वारा रोजाना 5200 किमी से भी अधिक ट्रैक पर पेट्रोलिंग कराई जाती है। वर्ष 2016 से पहले एक ट्रैकमैन से 20-22 किमी तक पेट्रोलिंग कराई जाती थी। ऐसे में यूनियन दने पेट्रोलिंग कम करने की मांग की। इसके बाद पेट्रोलिंग के किलोमीटर को 22 से घटाकर 16 किमी किया, लेकिन अब भी ट्रैक मैंटेनर्स की मांग है कि इसे कम किया जाए, ताकि उन्हें रेस्ट/छुट्टी मिल सके। एंप्लॉइज यूनियन द्वारा पिछले 3 साल से रेलवे से ट्रैकमैन की भर्ती की मांग की जा रही है। लेकिन अभी तक इन पदों को नहीं भरा गया है। गौरतलब है कि उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रैकमैन पदों पर भर्ती के लिए बोर्ड को मांग पत्र भेजा हुआ है। सेफ्टी कैटेगरी के पद पर संविदा भर्ती के निर्णय का विरोध एनडब्ल्यूआरईयू महामंत्री मुकेश माथुर ने निर्णय का विरोध करते हुए कहा सेफ्टी से जुड़े पदों पर संविदा भर्ती का निर्णय गलत है। नियमित भर्ती होनी चाहिए। दो वर्ष से इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं की, जबकि रेलमंत्री ने हर साल भर्ती करने की घोषणा की थी। नियमित भर्ती होने के बाद इनकी समाप्त कर दी जाएगी। प्रशिक्षण पर खर्चा बेकार जाएगा।