रेलवे ने पारदर्शिता लाने और यात्रियों की सुविधा के लिए मंगलवार देर शाम ट्रेनों में चार्टिंग की सीमा को सख्ती से निर्धारित कर दिया है। तीन माह पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुई व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (पीएम सेल) संजय मनोचा ने आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार, अब सुबह 5:01 से दोपहर 2 बजे की ट्रेन का फर्स्ट चार्ट एक दिन पहले रात 8:00 बजे तक बन जाएगा। वहीं दोपहर 2:01 बजे से रात 11:59 बजे और रात 12:00 बजे से सुबह 5:00 बजे के बीच चलने वाली ट्रेनों का फर्स्ट चार्ट कम से कम 10 घंटे पहले बनेंगे। रिजर्वेशन एक्सपर्ट नीरज चतुर्वेदी ने बताया कि इसके लिए आपातकालीन कोटा (ईक्यू/एचक्यू) फीडिंग हर हाल में आठ घंटे पहले होगी। अगर कोटा फीड नहीं हुआ तो 8.01 घंटे होते ही पीआरएस सिस्टम द्वारा फर्स्ट चार्ट ऑटोमैटिक बन जाएगा। यानी इससे जोनल रेलवेज की चार्टिंग में दखल पूरी तरह खत्म हो जाएगी। बोर्ड की इस व्यवस्था से एक तरफ जहां पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों को समय से टिकट कन्फर्मेशन की सही जानकारी भी मिलेगी। जयपुर से सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक की बॉम्बे सुपरफास्ट सहित करीब 101 ट्रेनों (ओरिजनेटिंग-बाईपास) में चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे बन जाएगा। इसका सबसे अधिक फायदा दूरस्थ जगहों से जयपुर ट्रेन पकड़ने के लिए आने वाले यात्रियों को होगा। क्योंकि उन्हें 8 घंटे पहले ही पता चल जाएगा कि टिकट कंफर्म हुआ या नहीं। इससे वो गंतव्य तक जाने के लिए अन्य विकल्प देख सकेंगे। वहीं अगर करंट में सीट उपलब्ध है, तो यात्री छोटी- छोटी दूरी तक टिकट बुक करके भी कंफर्म सीट बुक कर सकते हैं। क्योंकि करंट चार्ट ट्रेन रवाना होने के 30 मिनट पहले ही बनेगा। उधर, आपातकालीन और डिफेंस सहित अन्य कोटे में कंफर्म बर्थ के लिए आवेदन करने का समय भी बदला गया है। जिसके तहत जयपुर से देर रात 12 से सुबह 5 बजे तक जाने वाली ट्रेनों में एक दिन पहले सुबह 12 बजे तक, सुबह 5 से दोपहर 2 बजे तक जाने वाली ट्रेनों में एक दिन पहले दोपहर 2 बजे तक और दोपहर 2:01 बजे से देर रात 12 बजे तक की ट्रेनों में एक दिन पहले शाम 4 बजे तक ही आपातकालीन (ईक्यू) कोटे के लिए आवेदन किया जा सकेगा।