कोटा एसीबी कोर्ट ने पुलिस अधिकारी को रिश्वत देने के 17 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मसाला फैक्ट्री की मालकिन आजरा उर्फ हाजरा बेगम को 3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मसाला फैक्ट्री में मिलावटी माल मिलने पर फैक्ट्री मालकिन ने मामले को रफा-दफा करने के लिए निरीक्षण पर आए सीआई की जेब में 30 हजार रूपए रखे थे। सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया मार्च 2009 में कोटा पुलिस की स्पेशल टीम ने मुखबिर की सूचना पर गुमानपुरा थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुरा में दो जगह पर मसाला फैक्ट्री पर छापा मार कार्रवाई की। सीआई नेत्रपाल की अगुवाई में टीम ने डॉ सलीम की मसाला फैक्ट्री को चैक किया। मौके पर सलीम की पत्नी आजरा बेगम मिली। टीम को मौके पर नकली मसाला बनाने का कच्चा माल भूसा, चपड़ी व रंग मिला। साथ ही मिलावटी हल्दी. धनिया. मिर्च तैयार किए हुए मिले। टीम ने सैंपल लेने के लिए खाद्य निरीक्षक चंद्रवीर सिंह जादौन को मौके पर बुलाया। उसी दौरान मामला रफा दफा करने के लिए सलीम की पत्नी आजरा बेगम ने सीआई नेत्रपाल की पेंट की जेब में 30 हजार रूपए जबरदस्ती रख दिया। सीआई ने इसकी शिकायत गुमानपुरा थाने में दर्ज करवाई। जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत देने के मामले में एसीबी में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद साल 2012 में कोर्ट में चालान पेश किया कोर्ट में 13 गवाहो के बयान करवाए गए।