भास्कर संवाददाता | चूरू जिले में अपराध पर कुछ हद तक अंकुश लग पाया है और इसके चलते इस साल अपराध के आंकड़े भी कम दर्ज हुए हैं। वर्ष 2024 के 11 महीने में 3283 आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। वहीं इस वर्ष 11 महीनों में 2876 मामले दर्ज हुए हैं। इस तरह से कुल अपराधों के 407 मामले कम दर्ज हुए, जो 12.40 प्रतिशत कमी है। वर्ष 2023 में जनवरी से नवंबर तक नकबजनी के 189 व चोरी के 661 और वर्ष 2024 में नकबजनी के 135 व चोरी के 574 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष जनवरी से नवंबर तक नकबजनी के 83 व चोरी के 370 मामले दर्ज हुए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर जिले में इस वर्ष के 11 महीनों में नकबजनी में 38.52 व चोरी में 35.54 प्रतिशत की कमी आई है। इस वर्ष हत्या के मामलों में 38.10 प्रतिशत की कमी रही। गत वर्ष हत्या की 42 वारदात हुई थी। इस वर्ष 26 ही वारदात हुई। पुलिस अधिकारियों की सख्ती, निगरानी की आधुनिक व्यवस्था, नवीन कानूनों पर आधारित रणनीति और तकनीकी विज्ञान के बेहतर उपयोग के चलते बड़े अपराधों पर प्रभावी अंकुश लग पाया है। गत वर्ष की तुलना में नकबजनी के मामलों में रिकॉर्ड 38.52% की कमी आई है। वर्ष 2024 में नवंबर तक नकबजनी के 135 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष केवल 83 मामले ही दर्ज हुए हैं। इसी तरह इस वर्ष हत्या के प्रयास के मामलों में भी 33.33% की कमी आई। गत वर्ष हत्या के प्रयास के 39 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष 26 ही मामले दर्ज हुए हैं। इस साल पोक्सो एक्ट के कुल मामलों में 18.64 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल पोक्सो एक्ट के कुल 59 मामले दर्ज हुए थे, इस वर्ष 70 मामले दर्ज हुए। वहीं नाबालिग से दुष्कर्म के मामलों में भी इस वर्ष 19.61 प्रतिशत की कमी आई है। गत वर्ष नाबालिग से दुष्कर्म के 51 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष 41 ही मामले दर्ज हुए हैं। बालिग से दुष्कर्म के मामलों में इस वर्ष मात्र 5.26 प्रतिशत की ही कमी आई। गत वर्ष बालिग से दुष्कर्म के 76 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष 72 मामले दर्ज हुए हैं। कुल महिला अत्याचार के मामलों में इस वर्ष 8 प्रतिशत की कमी आई है। गत वर्ष कुल महिला अत्याचार के 750 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष 690 मामले दर्ज हुए हैं। ^सरकार और पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं के अनुरूप अपराधियों पर नियंत्रण के लिए नियमित मॉनीटरिंग की। समय-समय पर अभियान चलाकर अपराधियों का हौंसला तोड़ा, जिससे आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा। पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ाया। नए कानून और नई तकनीकी का बेहतर उपयोग किया। इससे अपराध पर अंकुश लगा। -जय यादव, एसपी, चूरू
