सलूंबर जिले की सराड़ा तहसील के बाणा कला गांव में सरकारी राशन के गेहूं में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का मामला सामने आया है। उचित मूल्य दुकान के डीलर वालतराम डांगी पर 202 क्विंटल गेहूं का गबन करने और खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के लाभार्थियों के फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें योजना से बाहर करने का आरोप है। जिला रसद विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी डीलर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सराड़ा थानाधिकारी रमेश कुमार अहारी ने कहा- गेहूं गबन के मामले में परिवर्तन निरीक्षक की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी हस्ताक्षर से नाम राशन सूची में से हटाए विभागीय जांच में पता चला कि डीलर ने सरकार के “गिव-अप अभियान” (स्वेच्छा से राशन छोड़ना) का दुरुपयोग किया। उसने कई लाभार्थियों के फर्जी हस्ताक्षर कर उनके नाम राशन सूची से हटवा दिए। जब जांच टीम ने इन लाभार्थियों से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। रिकॉर्ड में दर्ज हस्ताक्षर लाभार्थियों के वास्तविक हस्ताक्षरों से मेल नहीं खाए, जिससे स्पष्ट हुआ कि डीलर ने धोखाधड़ी की। प्रवर्तन अधिकारी (सलूम्बर) और प्रवर्तन निरीक्षक (सराड़ा) द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। बाणा कला की दुकान पर पोस मशीन के अनुसार 14,984 किलोग्राम गेहूं दर्ज था, लेकिन मौके पर केवल 582.9 किलोग्राम ही मिला। इस प्रकार, लगभग 144 क्विंटल गेहूं गायब पाया गया। इसी तरह, बाणा खुर्द की दुकान पर 8,167 किलोग्राम गेहूं दर्ज था, लेकिन मौके पर कोई स्टॉक नहीं मिला। बाद में दबाव पड़ने पर डीलर ने केवल 2,933 किलोग्राम गेहूं वापस किया। दोनों दुकानों को मिलाकर कुल 20,212 किलोग्राम (202.12 क्विंटल) गेहूं का अंतर पाया गया। सल्लाडा-ए के डीलर को वैकल्पिक व्यवस्था सौंपी अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने बाणा कला दुकान की जिम्मेदारी सल्लाडा-ए के डीलर दिलीप कुमार जैन को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सौंपी। स्टॉक ट्रांसफर के समय भी पोस मशीन में 14,974 किलोग्राम गेहूं दर्ज था, लेकिन पूर्व डीलर वालतराम ने नए डीलर को स्टॉक नहीं सौंपा। बार-बार संपर्क करने के बावजूद आरोपी डीलर ने गेहूं उपलब्ध कराने में कोई सहयोग नहीं किया।