हनुमानगढ़ में पराली और सरसों के गुणे से लदी ओवरलोड ट्रॉलियों के खिलाफ अब पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त कार्रवाई करेगा। रावतसर के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक विशेष बैठक भी बुलाई गई है। यह निर्णय बरमसर के नजदीक एक निजी बस और ट्रॉले के बीच हुई टक्कर के बाद लिया गया है। इस हादसे की एक बड़ी वजह सड़क किनारे खड़ी ओवरलोड ट्रॉलियों को माना जा रहा है। घटनास्थल पर सरसों के गुणे से लदी एक ट्रॉली पंचर हो गई थी और उसके पास एक अन्य ओवरलोड ट्रॉली भी खड़ी थी। हनुमानगढ़ जिले से बड़ी संख्या में पराली और सरसों के गुणे से लदी ट्रॉलियां गुजरती हैं। इनमें से कई ट्रॉलियां पंजाब से भी आती हैं। इन कृषि उत्पादों का उपयोग विभिन्न उद्योगों में ईंधन के तौर पर किया जाता है। ओवरलोड ट्रॉलियों के कारण सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं और ओवरटेक करने वाले वाहनों के ड्राइवरों को सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं देता। परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद कृषि कार्यों की आड़ में ये ओवरलोड ट्रॉलियां सड़कों पर बेधड़क दौड़ती हैं, जिससे यातायात और सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। अधिकारियों के अनुसार ओवरलोड ट्रॉलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहा है। पिछले महीने जिले में 81 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का चालान किया गया और 21 ट्रॉलियां जब्त की गईं। हालांकि, कई मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक कृषि उपयोग के दस्तावेज प्रस्तुत कर देते हैं, जिससे उन पर कड़ी कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। तीन टन से अधिक सामान लोड होने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया जाता है। डीटीओ नरेश कुमार ने बताया- ट्रैक्टर-ट्रॉली का व्यवसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता। पराली ले जाने वाली ओवरलोड ट्रॉलियों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाती है। अब परिवहन विभाग की टीम पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू करेगी। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से मीटिंग भी बुलाई गई है।