जवाहर कला केंद्र जयपुर में दशहरा नाट्य उत्सव की शुरुआत हो गई है। यहां मानस रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस दौरान भगवान राम के शिव धनुष तोड़ने पर परशुराम जी गुस्सा हो गए। लक्ष्मण के वचनों के बाद उनका क्रोध और बढ़ गया। इसके बाद राम-सीता के विवाह दृश्य दिखाया गया। अयोध्या पहुंचने के बाद मंथरा-कैकई संवाद और वनवास के दृश्य ने लोगों को भावुक कर दिया। दरअसल, जयपुर के जेकेके में वरिष्ठ रंगकर्मी और उपन्यासकार अयोध्या प्रसाद गौड़ के लिखित और अरु स्वाति व्यास (एनएसडी) के निर्देशन में हो रहे इस शो में एक्टिंग, विजुअल एवं साउंड इफेक्ट्स का समागम देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि एक शो में ही श्रीराम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के प्रसंग मंच पर दिखाए जा रहे हैं। इस नाटक में क्या खास
