जैसलमेर के रामगढ़ कस्बे के रहवासी आबादी क्षेत्र के नजदीक डालमिया सीमेंट कंपनी को जमीन आवंटन के विरोध में ग्रामीणों का धरना लगातार 90 दिन भी जारी रहा। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस पहल या वार्ता नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। धरना स्थल पर जुटे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी क्षेत्र के नजदीक सीमेंट फैक्ट्री स्थापित होने से पर्यावरण प्रदूषण, धूल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित होगा। आबादी से दूर लगाने की मांग प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति के भूमि आवंटन किया गया है, जो पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच कर इसे निरस्त किया जाए और वैकल्पिक स्थान पर उद्योग स्थापित किया जाए। धरने में शामिल लोगों ने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 90 दिनों से जारी है धरना रामगढ़ कस्बे के रहवासी क्षेत्र के समीप सीमेंट ब्लॉक्स के आवंटन को लेकर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। तीन महीने का लंबा समय बीत जाने के बाद भी अब तक शासन की ओर से किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ग्रामीणों से ठोस वार्ता नहीं की है। इस उदासीनता के कारण क्षेत्र के युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।