भरतपुर के काली की बगीची चौराहे स्थित राज ट्रॉमा सेंटर के बाहर शव को रखकर लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने दोनों तरफ के रोड़ जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस की समझाइश के बाद करीब 30 बाद जाम को खुलवाया गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण अजय की मौत हुई है। एक्सीडेंट में हुआ था अजय घायल मनोज शर्मा निवासी जगरिया जिला धौलपुर ने बताया कि मेरे भतीजे अजय (18) का एक्सीडेंट धौलपुर में हुआ था। अजय को धौलपुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां से उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। जिसके बाद अजय को भरतपुर के राज ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती करवाया दिया गया। भर्ती करवाने के बाद डॉक्टरों से बात हुई लेकिन, हम डॉक्टर से बात करके संतुष्ट नहीं हो पाए। डॉक्टर ने डराकर किया ऑपरेशन अजय के परिजन उसे लेकर जयपुर जा रहे थे। तब डॉक्टर अंकित बंसल ने हमसे कहा कि जल्दी से अजय का ऑपरेशन करवा लीजिए नहीं तो, इसकी मौत हो सकती है। जिसके बाद अजय के सिर का ऑपरेशन राज ट्रॉमा सेंटर पर करवा दिया गया। डॉक्टर ने ऑपरेशन के अजय के परिजनों से डेढ़ लाख रुपये मांगे। योजना में फ्री इलाज बताकर लिए पैसे मनोज ने बताया कि डॉक्टर ने हमें डराकर अजय का ऑपरेशन कर दिया। डॉक्टर ने 4 दिन का पैकेज हमसे डेढ़ लाख रुपये में फिक्स करवा लिया था। कल ऑपरेशन के बाद अजय बेड पर अपने हाथ-पैर फेंकने लगा। इसके बारे में डॉक्टर को बताया तो, डॉक्टर ने कहा कि सिर के ऑपरेशन के बाद ऐसा होता है। इसलिये इसके हाथ पैर बांधकर रखिये। आज 12 बजे हुई अजय की मौत अस्पताल के स्टाफ अजय के हाथ पैर रस्सियों से बांध दिए। साथ ही कहा कि अजय को 3-4 दिन तक ऐसे ही रखना पड़ेगा। आज सुबह 11 बजे डॉक्टर आया और यह बताया कि अजय की हालत ठीक है इसे घर ले जाओ। अजय के परिजन अस्पताल से नीचे आ गए। इतने में अजय की मौत हो गई। मंदिर जाते समय हुआ था एक्सीडेंट अजय को 3 दिन पहले राज ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती करवाया था। अजय प्राइवेट नौकरी करता था। 3 दिन पहले अजय अपने दो साथियों के साथ मंदिर पर झंडा फहराने जा रहा था। तब तीनों को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी थी। टक्कर मारने के बाद वाहन फरार हो गया था। अजय के सिर में 4 टांके आये थे मनोज ने बताया कि राज ट्रॉमा के अस्पताल प्रशासन ने अजय को यह कहकर भर्ती करवाया था कि चिरंजीवी योजना से उसका इलाज हो जाएगा। जबकि उन्होंने ऑपरेशन करने के पैसे भी ले लिए। अजय के सिर में ज्यादा चोट नहीं थी। सिर्फ उसके सिर में 3 से 4 टांके आये थे। अजय का साथी सौरभ भी राज ट्रॉमा अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की समझाइश मथुरा गेट थाना अधिकारी हरलाल मीणा ने बताया कि हमें सूचना मिली थी की राज ट्रॉमा अस्पताल के सामने शव को रखकर मृतक के परिजन विरोध कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने अजय का इलाज सही नहीं किया। अस्पताल प्रशासन अजय के परिजनों से कहता रहा कि इलाज सही हो रहा है। इससे अजय की मौत हो गई। जैसी रिपोर्ट देंगे वैसी कार्रवाई की जाएगी अजय के परिजनों से समझाइश कर शव को आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया गया है। अजय के परिजन जैसी भी रिपोर्ट देंगे वैसे कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की तरफ आश्वासन दिया गया है कि जैसी भी वह रिपोर्ट देंगे वैसे कार्रवाई की जाएगी।
