राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बुधवार को झोटवाड़ा में ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम को संबोधित किया। राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा- झोटवाड़ा ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को केवल स्वीकार नहीं किया, बल्कि उसे जीकर दिखाया है। राठौड़ ने झोटवाड़ा को मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की धरती बताया। उन्होंने कहा कि यहां का हर नागरिक “हम आत्मनिर्भर बनेंगे” की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि झोटवाड़ा का युवा अब नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने की क्षमता और विश्वास के साथ बढ़ रहा है। साथ ही, यहां की महिलाएं घर संभालने के साथ-साथ व्यापार, तकनीक और नेतृत्व की भूमिकाएं भी निभा रही हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि झोटवाड़ा की प्रगति केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन का भी प्रतीक है। यहां महिला सुरक्षा को संस्कार, जिम्मेदारी और संकल्प के रूप में देखा जाता है। हर बूथ पर महिला सुरक्षा को धर्म माना जाता है, और हर गली में सम्मान व सुरक्षा का वातावरण है, जहां समाज मिलकर बेटियों की रक्षा करता है। राठौड़ ने कहा- जब बेटी सुरक्षित होती है, तभी वह उड़ान भरती है। झोटवाड़ा ने बेटियों को सुरक्षा, सपने, समर्थन और शक्ति प्रदान की है। झोटवाड़ा की महिलाएं बाजरे के लड्डू बनाने से लेकर फूड यूनिट चला रही हैं। वे सिलाई-कढ़ाई को फैशन-उद्यम में बदल रही हैं, और डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन ऑर्डर और ONDC जैसी तकनीकों को अपना रही हैं। दर्जनों युवा महिलाएं कोर्स, स्किल और स्टार्टअप शुरू कर रही हैं, जिससे झोटवाड़ा की नारी शक्ति सुरक्षा से लेकर सफलता तक हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही है। कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा, झोटवाड़ा एक परिवार है, जो संकट और सफलता दोनों में साथ खड़ा रहता है। जहां बेटियां सुरक्षित हैं, युवा नवाचार कर रहे हैं और देशभक्ति जन्म के साथ आती है, वही वास्तविक आत्मनिर्भर भारत है।