राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मत्स्य यूनिवर्सिटी की पुरानी भर्ती में हुई खामियों पर जमकर बरसे। राज्यपाल ने कहा- मनमर्जी के नंबर देकर नौकरियां दी जा रही हैं, जो पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। राज्यपाल ने कहा- यदि सुधार नहीं हुआ तो ऐसे संस्थान भविष्य में केवल ‘होटल’ बनकर रह जाएंगे। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने यह बात गुरुवार को मत्स्य यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कही। उन्होंने यूनिविर्सिटी के कुलगुरु प्रो. रमन कुमार दवे का नाम लेकर कहा- मुझे अच्छे से याद है कि आपके आने से पहले कुलगुरु को कुछ लोगों की भर्ती करनी थी। जिसमें मनमर्जी के नंबर देकर कम योग्यता वालों को नौकरी लगा दी, लेकिन हम उनको छोड़ेंगे नहीं। हमें फर्जी डिग्री वालों को बंद करना है, जो निजी विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री दे रहे हैं। उनको बंद कर देंगे तो निवेशकों को यूनिवर्सिटी की जगह होटल चलाना पड़ेगा। राज्यपाल ने कहा कि बच्चों के जीवन से खिलवाड़ मत करो। वो शिक्षा लेने आते हैं। इसमें प्रोफेसर्स के पद भी खाली हैं। मुझे याद है यहां के एक कुलगुरु ने कुछ लोग भर्ती किए थे। राज्यपाल बोले- कैसे मनमर्जी से नंबर देकर दी गई नौकरी राज्यपाल ने कहा- दवे साहब आपका नाम नहीं ले रहा हूं। इससे पहले मुझे याद है यहां के कुलगुरु को कुछ लोग भर्ती करने थे। भर्ती में दो-चार लोगों की टीम एग्जाम लेकर अंक दे देती है। यहां 30 में किसी को 8 तो किसी को 9 अंक दिए, लेकिन किसी को 30 में से 27 से 30 नंबर तक दे दिए। वो नौकरी लग गए। बाकी अच्छे अभ्यर्थी बाहर हो गए। कम योग्यता वाले लग गए, ये सब खत्म होना चाहिए। जिन्होंने भी ये किया है उसे हम छोड़ने वाले नहीं हैं। 8 करोड़ की जनसंख्या पर 52 विश्विवद्यालय राज्यपाल ने कहा कि फर्जी डिग्री वालों को बंद करना है। राजस्थान में 31 सरकारी विश्वविद्यालय हैं। कुल 52 यूनिवर्सिटी हैं। पूरे राजस्थान की 8 करोड़ की जनसंख्या में 52 विश्वविद्यालय सबसे अधिक हैं। जबकि महाराष्ट्र में अधिक जनसंख्या होने के बावजूद 26 विश्वविद्यालय हैं। मतलब साफ है कि राजस्थान में बाहर के लोग भी आते हैं। क्योंकि यहां पास होते हैं। लेकिन मैं कहता हूं कि बौद्धिक क्षमता के बिना जीवन अच्छा नहीं होता है। राज्यपाल बोले- फर्जी डिग्री वाले जेल भी गए राज्यपाल ने कहा कि कई फर्जी डिग्री वाले जेल भी गए। डॉक्टर के फर्जी डिग्री लेने से मरीज कैसे बच सकेगा। फर्जी डिग्री वाला डॉक्टर तो मरीज को मार देगा। डिग्री है तो डॉक्टरी करने की अनुमति है। लेकिन मरीज का क्या होगा। वो अपने घर का भी हो सकता है। राजस्थान में 5-10 विश्वविद्यालयों के नाम फर्जी डिग्री में आए हैं। हमें सुंदर पिचई जैसी प्रतिभा तैयार करनी होगी राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि शिक्षा वही सार्थक है जो जीवन व्यवहार का मार्ग प्रशस्त करें। राजस्थान में पास होने की चिंता नहीं है, सब पास होते हैं। यह एक अच्छी बात है, लेकिन केवल पास होने का ध्येय मत रखो। डिग्री के आगे करने का कुछ सोचो। डिग्री लेने के बाद कला भी होनी चाहिए। बौद्धिक क्षमता होनी चाहिए। विचार विकसित होने से ज्ञान आता है। अमेरिका को भी अच्छे इंजीनियर की जरूरत है। अमरीकी राष्ट्रपति कह चुके हैं कि टैलेंट चाहिए। अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियों में भारत के खूब लोग काम करते हैं। करीब 60 से 70 प्रतिशत इंजीनियर भारत के हैं। गूगल वाला सुंदर पिचई भी भारत के मद्रास से गया है। इसलिए बौद्धिक क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे टैलेंट तैयार हुए तो हमारे भारत का गौरव बढ़ जाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा- AI का जमाना इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पहले राज्यपाल की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि पहले राज्यपाल हैं, जिन्होंने पूरे प्रदेश में जाकर जनता की तकलीफ सुनी और रिव्यू भी किया। राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन कर दिया। फिर कहा कि आज AI का जमाना है, आगे का जमाना भी AI का रहेगा। इससे जुड़े कोर्स और जानकारी यूनिवर्सिटी से जुड़नी चाहिए। हमारे पास युवा हमारी ताकत है। जूली ने कहा कि जब मैं विधायक था तब ये यूनिवर्सिटी हल्दीना में खुली। कुछ लोग कहते हैं कि यूनिवर्सिटी दूर खुलवा दी। लेकिन समय-समय पर बदलाव आता है। यूनिवर्सिटी की कनेक्टिविटी अच्छी करने की जरूरत है। इसके प्रयास करने चाहिए। समारोह में पहले 40 पीएचडी, 42 गोल्ड और 6 सिल्वर मेडल देने का प्लान था, लेकिन 17 छात्र-छात्राओं ने सहमति नहीं दी और रिहर्सल में भी नहीं पहुंचे। प्रोटोकॉल के कारण उनके नाम लिस्ट से हटा दिए गए। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन्हें समारोह में सम्मान नहीं मिला, वे अपने संबंधित कॉलेज या विभाग से डिग्री-मेडल ले सकते हैं। जानिए, क्या है पूरा मामला मत्स्य यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष सुमंत चावड़ा ने बताया कि पूर्व कुलगुरु भरत सिंह के समय 2018 में मत्स्य यूनिवर्सिटी में 23 पदों पर भर्ती हुई थी। जिसमें 10 क्लर्क, 10 सहायक कर्मी, दो सहायक रजिस्ट्रार और एक लीगल एडवाइजर की भर्ती हुई थी। परीक्षा नियंत्रक के एक पद पर भर्ती नहीं हो सकी थी। इस भर्ती को लेकर चहते लोगों का चयन करने की शिकायत संभागीय आयुक्त, राजभवन, एसीबी और पीएमओ तक की गई थी। वहीं मत्स्य यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलगुरु प्रो. शीलसिंधु पांडेय के समय वर्ष 2025 में 25 पदों (प्रोफेसर) की भर्ती का विज्ञापन जारी किया था। जिन्होंने इंटरव्यू के लिए अपनी पंसद के कर्मचारियों का पैनल बना लिया था, लेकिन हमने कुलगुरु के पुराने मध्यप्रदेश के उज्जैन विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती में हुई गड़बड़ियों की शिकायत की थी, उसके बाद ये भर्ती नहीं हो सकी।