भीलवाड़ा में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा – विश्व में इस समय शांति नहीं है। भारत में एकजुटता की आवश्यकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान खुद को कमजोर कर रहे हैं, यह भारत के लिए ठीक है। मैं यह मानता हूं कि नमोकार मंत्र एक अलौकिक मंत्र है। उधर कुछ भी हो, लंका जले- हनुमान बाहर। अपने लिए ऐसा ही चल रहा है। उधर कुछ भी हो, हमें क्या करना है। भारत को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। अब उन्होंने अपना रुख बदल दिया है। युद्धविराम करने की घोषणा कर दी है। राज्यपाल ने कहा- शब्द हमारी अभिव्यक्ति का माध्यम हैं, इसलिए उनका चयन सोच-समझकर करना चाहिए। जो व्यक्ति ज्यादा बोलता है उसकी कोई नहीं सुनता है। कम बोलने वाले की बात को हमेशा सुना जाता है। उसकी बात का महत्व ज्यादा होता है। राज्यपाल गुरुवार सुबह इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन द्वारा मेडिसिटी ग्राउंड पर आयोजित विश्व नवकार महामंत्र दिवस समारोह हुए थे। कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS … महाराष्ट्र में भगवान ऋषभदेव की 108 फीट ऊंची प्रतिमा
राज्यपाल ने कहा – महाराष्ट्र के मांगीतुंगी में भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की 108 फीट ऊंची प्रतिमा को दुनिया की सबसे ऊंची जैन प्रतिमा बताया। यह प्रतिमा एक ही पत्थर से बनाई गई है, ऐसी प्रतिमा पूरे विश्व में कहीं नहीं है। अब पर्यटन भी बढ़ेगा। राज्यपाल ने कहा – जो नवकार मंत्र का जाप करता है, वह शांति, सुरक्षा और समृद्धि से अपने आप जुड़ जाता है। नवकार महामंत्र किसी व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में रची-बसी आत्मशुद्धि, आस्था और साधना का प्रतीक है। यह मंत्र व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाकर उसे उच्च जीवन मूल्यों की ओर अग्रसर करता है। विकारों का त्याग कर आत्मोन्नति की ओर बढ़ें
नवकार महामंत्र विश्व के प्राचीनतम और पावन मंत्रों में से एक है, जो अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांतवाद जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। यह न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाता है, बल्कि समाज में शांति, समृद्धि और सुरक्षा का संदेश भी देता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इसकी प्रासंगिकता और बढ़ गई है। तीर्थंकरों ने क्रोध, मोह और द्वेष जैसे आंतरिक शत्रुओं पर विजय पाकर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त किया। ‘जियो और जीने दो’ का संदेश आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा – विश्व के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्ष और युद्ध मानवता के लिए चिंता का विषय हैं। ऐसे समय में भगवान महावीर का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश अत्यंत प्रासंगिक है। अहिंसा ही विश्व शांति का एकमात्र मार्ग है और इसे जीवन में अपनाना जरूरी है। दिखावे की प्रवृत्ति पर नियंत्रण जरूरी
मंत्री ने अपरिग्रह (जरूरत से ज्यादा संग्रह नहीं करना) के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा- समाज में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति को नियंत्रित करना आवश्यक है। जरूरतमंदों के उत्थान के लिए कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सकारात्मक बदलाव पहुंचाने का संकल्प लेना चाहिए। सामूहिक जाप से गूंजा परिसर, विश्व शांति की कामना
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं और श्रद्धालुओं ने नवकार महामंत्र का सामूहिक जाप किया। एक स्वर में मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया तथा विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की गई। जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
समारोह में माण्डलगढ़ विधायक गोपाल लाल खंडेलवाल, सहाड़ा विधायक लादुलाल पितलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा सहित प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक व धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और जैन समाज के वरिष्ठजन मौजूद रहे। इससे पहले हेलिपैड पर पहुंचने पर राज्यपाल का जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और एसपी धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बुके देकर स्वागत किया।
