राजस्थान के चार युवकों की गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के वधवान के नागरा गांव में 7 अगस्त को उमैया नदी में डूबने से मौत हो गई। चारों नहाने के लिए गए थे। सभी मृतक एक लोकल सोलर प्लांट में काम करते थे। ये मोरबी (गुजरात) से नागरा नहाने आए थे। वहां से सोमनाथ दर्शन करने जा रहे थे। इस हादसे में उनका एक दोस्त बच गया। चार युवक गहरे पानी में डूबे जोरावरनगर के PSI इंचार्ज एम.आर.गोहिल ने बताया- पांचों दोस्तों में से एक नदी के किनारे बैठकर नहा रहे थे, जबकि बाकी चार युवक गहरे पानी में डूब गए। जैसे ही किनारे पर मौजूद युवकों ने शोर मचाया, स्थानीय गांव वाले और तैराक मौके पर पहुंचे। तैराकों ने नदी में कूदकर तलाश शुरू की और चारों युवकों के शव बरामद किए। सोमनाथ जाने का प्रोग्राम था जोरावरनगर के PSI इंचार्ज ने बताया- मोहनलाल (21) वेनाराम चौधरी निवासी मंगले की बेरी बाड़मेर, जीवाराम (26) पुत्र केहराम चौधरी निवासी जालोर, रमेशकुमार (21) वीरमाराम चौधरी, गांव कुभिया, तहसील दुधवा जालोर, फुसाराम उर्फ खुशाराम (20) गंगाराम चौधरी निवासी फलोदी की डूबने से मौत हो गई। पांच दोस्त मोरबी से नागरा में नहाने आए थे। युवक नहाने के बाद सोमनाथ जाना था। जोरावरनगर पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरेंद्रनगर के गांधी अस्पताल में रखवाया है। नहाने के बाद सोमनाथ जाने का प्लान बना रहे युवकों के साथ जो हादसा हुआ। मस्ती करते-करते गहने पानी में चले गए थे दोस्त कालूराम राजूराम भील ने बताया- हम पांच लोग थे। मैं कपड़े धोने के लिए बाहर रुका और बाकी को नहाना था। मस्ती करते-करते वे गहरे पानी में डूब गए। मैंने चिल्लाकर करणसिंह भाटी को बुलाया, 200 गांव वालों की भीड़ मौके पर पहुंची और लाशों को ढूंढकर बाहर निकाला। चिपचिपी मिट्टी में फंसने का अनुमान ताजर में बारिश के दौरान उमाई नदी के नाम से मशहूर इलाके में गहरे गड्ढों में पानी भर गया है। इससे पानी की वजह से यह पता नहीं चल पा रहा है कि गड्ढा कितना गहरा है। जबकि नदी की मिट्टी चिपचिपी होने की वजह से कई बार कोई इसमें फंस जाता है। ये युवक मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले थे। इसलिए हो सकता है कि उन्हें लोकल नदी की गहराई या खुले गड्ढों के बारे में पूरी जानकारी न रही हो। इस वजह से वे गलती से गहरे पानी में डूब गए।