झालावाड़ जिले एक मेडिकल स्टूडेंट की बांग्लादेश में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। 3 दिन बीत जाने के बाद भी छात्रा का शव भारत नहीं पहुंच सका है। परिजनों का कहना है कि मंगलवार रात या बुधवार सुबह तक शव आने की जानकारी दी गई है। पिड़ावा निवासी निदा खान (19) पुत्री अब्दुल अजीज दो साल से बांग्लादेश के ढाका में एमबीबीएस सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। 28 सितंबर को कॉलेज प्रशासन ने परिजनों को फोन करके बताया कि आपकी बेटी ने सुसाइड कर लिया है। पिड़ावा निवासी अब्दुल अजीज ने बताया- बेटी निदा खान को 12वीं के बाद निदा कोटा में नीट की तैयारी के लिए भेजा। एक साल निदा ने वहां तैयारी की। इसके बाद उसे बांग्लादेश के ढाका में बसुंधरा अद्दीन मेडिकल कालेज परागनी गंज में 2023-24 में MBBS में एडमिशन मिल गया। वह इस साल सेकेंड ईयर में थी। 10 बीघे जमीन बेचकर बेटी का कराया एडमिशन निदा के पिता के कई दोस्त बांग्लादेश में रहते हैं। वे अक्सर झालावाड़ में संतरों के सिलसिले में आते हैं। निदा की डॉक्टर बनने की इच्छा थी। मगर उसे सरकारी कॉलेज नहीं मिला था। दोस्तों के कहने पर निदा के पिता ने उसका बांग्लादेश के ढाका में एमबीबीएस में एडमिशन करा दिया। वहां भारत से आधी फीस लगती है। पिता ने बेटी के बेहतर भविष्य के लिए अपनी 10 बीघा जमीन तक बेच दी।
परिजनों ने बताया कि निदा की बड़ी बहन जोया (25) बीएसटीसी कर रही है। भाई फरहान नीट की तैयारी कर रहा है। वहीं छोटी बहन खुशी (12) 7वीं क्लास में पढ़ती है। पिता अब्दुल अजीज कपड़े की दुकान और खेती करते हैं। जून 2025 में ईद पर भारत आई थी
अब्दुल अजीज ने बताया कि निदा ईद के त्योहार पर जून के महीने में घर आई थी। पूरे परिवार के साथ हंसी-खुशी से त्योहार मनाकर वापस बांग्लादेश में पढ़ाई करने चली गई। हर रोज रात में परिवार करता था बात
पिता ने बताया-पूरा परिवार रोज रात को निदा से बात करता था। 26 सितंबर की रात को हमारी निदा से बात हुई तो उसने बताया कि सब ठीक है। हमने उससे पढ़ाई को लेकर बातचीत की तो निदा ने बताया कि सब सही चल रहा है। इसके बाद 27 सितंबर की रात को निदा को फोन किया तो उसका फोन नहीं लगा। 28 सितंबर को सुबह 4 बजे निदा के कॉलेज प्रशासन की ओर से फोन आया। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर को निदा ने हॉस्टल में सुसाइड कर लिया है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल बेटी की मौत की सूचना के बाद से तीन दिन से निदा खान की मां शाहिदा बी और पिता अब्दुल अजीज का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने कहा कि भारत सरकार से हमारा हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरी बच्ची का शव जल्दी से जल्दी मंगवा दें। स्टूडेंट्स बोलीं-लंच के बाद नहीं दिखी थी निदा निदा के ताऊ मसीउल्लाह खान ने बताया कि हमारी निदा के साथ रहने वाली लड़कियों से बात हुई है। उनका कहना था कि 27 सितंबर को दोपहर 2 बजे हम लोगों के साथ निदा ने लंच किया था। इसके बाद उसे नहीं देखा। बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने भारत सरकार ने बेटी के शव मंगाने की मांग की है। मंगलवार रात तक पिड़ावा पहुंचेगा शव
निदा के चाचा कलीम खान ने बताया कि ढाका स्थित भारतीय दूतावास की मदद से शव को ढाका से मंगलवार शाम को दिल्ली भेजा जाएगा। निदा के शव के साथ उसके कॉलेज के दोस्त दिल्ली तक आएंगे। निदा के चाचा कलीम खान और मामा शकील खान दिल्ली पहुंच गए हैं। मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह तक निदा का शव पिड़ावा पहुंचेगा। पिड़ावा एसडीएम दिनेश मीणा ने बताया-हमें मामले की जानकारी मिली थी। इसके चलते अधिकारियों को घटना की सूचना दे दी गई थी।
