इंडियन नेवी में सब लेफ्टिनेंट पद पर तैनात राजस्थान की बेटी अंशु राठौड़ (23) का सोमवार को सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। अंशु को उनके छोटे भाई भूपेश सिंह ने मुखाग्नि दी। इस दौरान नेवी के अधिकारियों ने पिता किशन सिंह को राष्ट्रध्वज सौंपा। इससे पहले डीडवाना से पैतृक गांव बिठुड़ा तक करीब 14 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। पार्थिव देह के घर पहुंचने पर पुष्प चक्र अर्पित किए गए। घर से मुक्ति धाम तक करीब 1 किलोमीटर की अंतिम यात्रा में पूरा गांव शामिल हुआ। दरअसल, अंशु राठौड़ का रविवार को सुबह करीब 10 बजे जामनगर (गुजरात) में सड़क हादसे में निधन हो गया था। ड्यूटी पर जाते समय उनकी कार की दूसरी गाड़ी से टक्कर हो गई थी। गंभीर चोटें लगने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। राठौड़ के निधन की सूचना मिलने पर गांव में मातम पसर गया। पिता बोले- उसकी देशभक्ति पर हमेशा गर्व रहेगा
पिता किशन सिंह ने बताया- उनकी बेटी अंशु ने वर्ष 2024 में पहले ही प्रयास में नौसेना में सब लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त किया था। हमारे परिवार की पांच पीढ़ियों में अंशु पहली लड़की थी, जिसने सेना में यह मुकाम हासिल किया। उन्होंने कहा- अंशु का सपना भविष्य में IAS या IPS बनकर देश की सेवा करने और बाद में राजनीति में आने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। पिता ने बताया- अंशु विशाखापट्टनम और मुंबई के बाद पिछले 10 दिनों से पुणे में प्रशिक्षण ले रही थी। वह पुणे से अपनी अगली ड्यूटी के लिए INS वलसुरा (जामनगर, गुजरात) जा रही थी, इसी दौरान रास्ते में यह दुखद हादसा हो गया। हादसे में अंशु के साथ मौजूद अन्य दो अधिकारी सुरक्षित हैं, लेकिन अंशु का निधन हो गया। बेटी को खोने का गहरा दुख है, लेकिन उसकी देशभक्ति और दृढ़ संकल्प पर हमेशा गर्व रहेगा। दादा और पिता भारतीय सेना से रिटायर
डीडवाना-कुचामन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- अंशु राठौड़ की उम्र सिर्फ 23 साल थी। उनकी मई 2024 में भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) में सब लेफ्टिनेंट के पद पर जॉइनिंग हुई थी। परिवार में मां और पिता के अलावा एक छोटा भाई भूपेश सिंह है, जो फिलहाल कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहा है। अंशु के दादा और पिता दोनों ही भारतीय सेना से रिटायर हैं। फिलहाल पिता किशन सिंह जयपुर में आबकारी थाना अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। अंशु की पार्थिव देह को सोमवार की दोपहर सड़क मार्ग से पैतृक गांव बिठुड़ा लाया गया था। इसके बाद पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
