जयपुर में हर्केश मीडिया की ओर से सोमवार को आयोजित ‘इमर्जिंग सिटीज ऑफ इंडिया: पिंक सिटी जयपुर-2025’ कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने राजस्थान की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संगम पर विचार रखे। इस दौरान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और स्मार्ट सिटी के स्वरूप पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में देश-प्रदेश के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, उद्योग जगत के दिग्गज और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्टजन शामिल हुए। राजस्थान फाइनेंस कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल और महात्मा गांधी विद्यापीठ, गांधी अध्ययन केंद्र, जयपुर के निदेशक डॉ. आकाशदीप अरोड़ा अतिथि व पैनलिस्ट के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कई पैनल डिस्कशन आयोजित किए गए, जिनमें ‘इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: ड्राइविंग राजस्थानंस फ्यूचर’ और ‘विजनरी ऑफ राजस्थान: ट्रांसफॉर्मिंग चैलेंजेज इनटू ऑपच्यूनिटी’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि राजस्थान ने किस प्रकार चुनौतियों को अवसरों में बदला और विकास की नई दिशा निर्धारित की। इस दौरान यह विचार प्रमुखता से सामने आया कि जयपुर केवल राजस्थान की राजधानी नहीं, बल्कि विरासत, नवाचार और स्थिरता का प्रतीक है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जयपुर और देश के अन्य उभरते शहर अपनी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को संरक्षित कर रहे हैं। साथ ही, वे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट, सतत और समावेशी विकास की दिशा में भी अग्रसर हैं। चर्चा के दौरान रेखांकित किया गया कि राजस्थान निरंतर प्रगति, नवाचार और तकनीकी विकास का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य अपने नागरिकों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने, आधुनिक अवसंरचना के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। राजस्थान की पहचान आज परंपरा और प्रगति के सशक्त मेल के रूप में उभर रही है। इस अवसर पर उद्योग जगत के सीईओ, मैनेजिंग डायरेक्टर्स, बिजनेस लीडर्स, प्रशासनिक सेवा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, प्रायोजक, मीडिया जगत के साथी और अनेक विशिष्ट अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
