शहर के कला प्रेमियों के लिए वरिष्ठ चित्रकार शंकर सिंह राजावत की नवीनतम कला प्रदर्शनी अनोखी की शुरुआत हुई। प्रदर्शनी में राजस्थानी चित्रण शैली के अद्भुत प्रयोग और परंपरागत तकनीकों को नए रूप में पेश किया गया है, जिसने शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन विधायक बाल मुकंद आचार्य ने किया। जवाहर कला केन्द्र में आयोजित प्रदर्शनी की मुख्य आकर्षक कृति वह चित्र है, जिसमें कलाकार ने कैनवास पर बांस की स्टिकों पर श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक लिखकर भगवान कृष्ण का विराट स्वरूप उकेरा है। यह तकनीक अत्यंत अद्वितीय मानी जा रही है और राजावत की सूक्ष्म कला साधना को दर्शाती है। कृति न केवल गहन आध्यात्मिकता का आभास कराती है, बल्कि पारंपरिक कला में नए प्रयोगों की संभावनाएं भी प्रस्तुत करती है। मिनिएचर पेंटिंग शैली पर आधारित एक श्रृंखला में कलाकार ने बारहमासा विषय को नए आयाम दिए हैं। इन चित्रों में कपड़े की कतरनों का उपयोग कर भाव और मौसमों की संवेदनाएं उकेरी गई हैं, जो दर्शकों को पारंपरिक लघुचित्रों से बिल्कुल अलग अनुभव प्रदान करती हैं। राजपूत वंशों के प्रतीक चिन्हों की सुंदर प्रस्तुति प्रदर्शनी में राजपूत वंशों के ऐतिहासिक प्रतीक चिन्हों को भी बेहतरीन कौशल से चित्रित किया गया है। इन कृतियों में रंगों का सामंजस्य, ब्रश स्ट्रोक्स और बारीक डिटेलिंग कलाकार की दशकों की साधना को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। यह प्रदर्शनी प्रांत 11 में प्रतिदिन सुबह से शाम 7 बजे तक निःशुल्क कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और आमजन के लिए खुली रहेगी।