सवाई माधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में खूनी बुखार से बाघिन टी-94 की मौत हो गई। वनकर्मियों को गश्त के दौरान बाघिन मृत अवस्था में मिली। सूचना पर विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि बाघिन के लंग्स, किडनी, हार्ट फेल हो चुके थे। आर्गन केवेटी में फ्लूड भी मिला है। मामला खंडार रेंज के घोड़ा घाटी का रविवार सुबह का है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मौत के कारण सेप्टिसीमिया को माना गया है, जिसे जानवरों में खूनी बुखार भी कहा जाता है। सैंपल वेटरनरी लैब भेजे जाएंगे, जिसके बाद मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। खंडार-रणथंभौर टाइगर रिजर्व था टैरिटोरियल इलाका
मानस सिंह के अनुसार- बाघिन टी-94 की उम्र लगभग 11 वर्ष थी। इसका वन क्षेत्र खंडार, ओंदी खोह, मूड घुसा, इंडाला, खटोला, कासेरा,बालाजी, घोड़ा घाटी, विंध्यकड़ा और फरिया समेत आसपास का वन क्षेत्र इसका टेरिटरी था। आज सुबह सुबह गश्त के दौरान घोड़ा घाटी के निचले क्षेत्र में स्टाफ को बाघिन का शव मिला। बाघिन के सभी अंग सुरक्षित थे। सूचना पर खंडार रेंजर शैलेश अग्रवाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां से शव को नाका राजबाग लाया गया, जहां पोस्टमॉर्टम कर अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमॉर्टम के दौरान सामने आया कि बाघिन के कई वाइटल आर्गन खराब थे। इनमें किडनी, लंग्स, हार्ट फेल मिले हैं। आर्गन केवेटी में फ्लूड भी मिला। मौत का कारण सेप्टिसीमिया बताया गया है। हालांकि सैंपल वेटरनरी लैब भेजे जाएंगे। इसके बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा। सेफ्टीसीमिया यानी खूनी बुखार से हुए हार्ट फेल हुआ
वेटरनरी डॉक्टर सीपी मीणा का कहना है- सेफ्टीसीमिया बीमारी पशुओं में खून के गंभीर संक्रमण को कहा जाता है। यह तब होती है, जब बैक्टीरिया खून में फैल जाते हैं और पूरे शरीर में संक्रमण कर देते हैं। पशुपालन में अक्सर इसे रक्त विषाक्तता या खूनी बुखार भी कहा जाता है। यह आमतौर पर गंदा पानी या भोजन, मौसम में अचानक आए बदलाव और कमजोर इम्युनिटी के कारण होती है। इसमें तेज बुखार होता है। सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। इसके बाद हार्ट समेत शरीर के अंग जवाब देने लगते हैं और अचानक मौत हो जाती है। डॉक्टर सीपी मीणा का कहना है- सैंपल कलेक्ट कर इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, वेटरनरी यूनिवर्सिटी ऑफ बीकानेर, फॉरेन्सिक लैब भरतपुर में भेजे जाएंगे, जहां से रिपोर्ट आने के बाद कारण क्लियर हो पाएंगे। ये खबर भी पढ़िए… मगरमच्छ का शिकार करने वाली बाघिन की मौत:’एरोहेड’ को ब्रेन ट्यूमर था; बेटी ‘कनकटी’ को मुकंदरा शिफ्ट किया, 2 लोगों को मार चुकी सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन एरोहेड की मौत हो गई। उसे ब्रेन ट्यूमर था। पिछले दिनों एरोहेड(टी-84) ने तालाब में मगरमच्छ का शिकार किया था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। पूरी खबर पढ़िए
