अंता उप चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कारण बताओ नोटिस जारी किया हैं। इस पर मोरपाल सुमन ने कहा नोटिस के बारें में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं तो बेटे की शादी लगा हूं। लेटर वायरल मैंने किया? या किसने किया? ये तो जांच का विषय है, मै तो बेटे की शादी में लगा हूं। दरअसल बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मोरपाल सुमन को नोटिस देते हुए कहा- आपका कृत्य पार्टी अनुशासनहीनता की परिभाषा में आता हैं। पार्टी के कई पदाधिकारी और वरिष्ठ नेताओं के बारे में अनर्गल,बिना तथ्य आरोप लगाकर उस पत्र को सार्वजनिक कर दिया। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। जबकि पार्टी के संविधान के अनुसार सक्षम स्तर पर अपनी बात मौखिक या लिखित में कहने का प्रावधान है। इससे भाजपा की छवि धूमिल हुई है। इस कृत्य के लिए आपको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता हैं। आपको इस आरोप के उत्तर में कोई स्पष्टीकरण देना हो तो आज से तीन दिन के भीतर लिखित में प्रस्तुत कर दें। बता दें कि कुछ दिन पहले मोरपाल सुमन ने हार की समीक्षा करते हुए लेटर लिखा- चुनाव हरवाने में कई लोगों ने प्रमुख भूमिका निभाई। मोरपाल ने बारां जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष व जिला प्रमुख नंदलाल सुमन, पूर्व जिला अध्यक्ष आनंद गर्ग, अंता प्रधान प्रखर कौशल, अंता नगर पालिका अध्यक्ष रामेश्वर खंडेलवाल, पूर्व विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज मीणा सहित वर्तमान विधायक प्रताप सिंह सिंघवी, ललित मीणा, राधेश्याम बैरवा को सामूहिक रूप से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने लेटर में लिखा अधिकांश विधायक टिकट दावेदारों ने मुझे व पार्टी को हराने का काम किया। मोरपाल ने पार्टी के खिलाफ काम करने वालों के पर अनुशासनहीनता की कार्रवाई करने की मांग की। मोरपाल में ओम बिरला व मंत्री हीरालाल नागर की टीम पर भी कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया की मदद करने के आरोप लगाए। इतना ही नहीं मोरपाल सुमन ने इलेक्शन कमीशन के ऑब्जर्वर पर भी आरोप लगाया। मोरपाल ने लिखा आब्जर्वर ने न्याय संगत काम नहीं किया। करीब साढ़े 15 हजार वोटो से हारे थे सुमन अंता (बारां) विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया ने भाजपा के मोरपाल सुमन को 15594 वोटों से हराया था। वहीं निर्दलीय नरेश मीणा तीसरे नंबर पर रहे थे।यह सीट पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समर्थक कंवरलाल मीणा की विधायकी जाने के बाद खाली हुई थी।
