मोगा के जिला डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने जिले में प्रेगाबालिन 300 एम.जी. (सिग्नेचर) कैप्सूल की बिक्री पर आंशिक प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश 6 अप्रैल से प्रभावी हो गए हैं और 6 जून 2026 तक लागू रहेंगे। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बी.एन.एस.एस.) 2023 की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए की गई है। श्री सेतिया द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यदि कोई डॉक्टर किसी मरीज को प्रेगाबालिन कैप्सूल या गोली लिखता है, तो संबंधित मेडिकल स्टोर केवल उतनी ही दवा देगा जितने दिनों के लिए पर्ची पर लिखी गई है। मेडिकल स्टोर को पर्ची पर इस संबंध में मुहर लगानी होगी, और यह पर्ची केवल 7 दिनों तक वैध मानी जाएगी। 75MG से ज्यादा मात्रा में लेने पर करना है सूचित आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई केमिस्ट 75 एम.जी. से अधिक मात्रा में यह दवा अपने पास रखना चाहता है, तो उसे इसकी सूचना ड्रग विभाग को देनी होगी। इसके अतिरिक्त, हर महीने के पहले सप्ताह में इस दवा का पूरा रिकॉर्ड विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। डॉक्टरों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही मरीज को 75 एम.जी. से अधिक मात्रा की दवा लिखें। उन्हें इस संबंध में एक विस्तृत रिकॉर्ड भी बनाए रखना होगा। बिना किसी वैध रिकॉर्ड के इस दवा की खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। DC ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने पर BNS की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।