मोगा में डीसी सागर सेतिया ने चाइना डोर (सिंथेटिक/प्लास्टिक से बनी डोर) की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया गया है। ये आदेश 31 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहेंगे। जिला मजिस्ट्रेट सागर सेतिया ने बताया कि मोगा जिले में अक्सर बड़ी संख्या में पतंगें उड़ाई जाती हैं। इन पतंगों के लिए चाइना डोर का काफी इस्तेमाल होता है। यह डोर सिंथेटिक/प्लास्टिक से बनी होती है और बहुत मजबूत होती है। ‘दुर्घटना होने का खतरा रहता है’ इस डोर से पतंग उड़ाने वालों के हाथ और उंगलियां कटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। साथ ही, साइकिल, स्कूटर और बाइक चलाने वालों के गले और कान भी कट जाते हैं। इससे दुर्घटना होने का खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा, चाइना डोर में फंसकर कई पक्षियों की मौत हो जाती है। उनके पेड़ों पर लटके रहने से बदबू फैलती है और वातावरण भी प्रदूषित होता है। पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली यह चाइना डोर मानव जीवन के लिए जानलेवा साबित होती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए चाइना डोर के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर रोक लगाना जरूरी था।