जेमिमा ने शतक भी लगाया तो कोई खुशी जाहिर नहीं की. क्योंकि उन्हें पता था कि इस शतक से कहीं जरूरी है भारत की जीत. देश की जीत. जो उसे फाइनल में ले जाएगी. हुआ भी वही. जेमिमा अंत तक टिकी रहीं. उन्होंने धैर्य भी दिखाया और जोश भी. आखिरकार…