नागौर के मारवाड़ मूंडवा में शनिवार को मधुमक्खियों के हमले में 14 लोग घायल हो गए। इनमें से दो गंभीर रूप से घायल मरीजों को नागौर के हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना कामण्डा ढाणी के समीप हुई। बेटे की अस्थियां लेकर हरिद्वार जा रहा था परिवार यह घटना बस्तीराम मुंडेल के पुत्र रामलाल के निधन के बाद हुई। परिवार के लोग सामाजिक रीति-रिवाज के तहत हरिद्वार जाने के लिए अस्थियां लेकर घर से निकले थे। रास्ते में पथवारी का सींचन करने के लिए सभी रुके थे। अगरबत्ती के धुएं से उड़ीं मधुमक्खियां इसी दौरान जलाई गई अगरबत्ती के धुएं से पेड़ पर बैठी मधुमक्खियां उड़ गईं और पथवारी का सींचन कर रहे परिवारजनों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। पीपीई किट पहनकर घायलों को एंबुलेंस में बिठाया सूचना मिलने पर आपातकालीन सेवा 108 की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। 108 के रामजस मुंडेल, राकेश काला और सुखवीर डारा ने पीपीई किट पहनकर प्रभावितों को एम्बुलेंस में बिठाया और मूंडवा सीएचसी पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर वार्ड घायलों से भर गया। डॉ. सुरेंद्र डिडेल, नर्सिंग कर्मी रामेश्वर मिर्धा, सुमन खुड़खुड़िया, सुभाष, अर्जुन चांगल, सुमेरसिंह सहित चिकित्सा टीम ने तुरंत घायलों का उपचार शुरू किया। कई लोगों के शरीर पर मधुमक्खियां चिपकी हुई थीं, जिन्हें हटाया गया। मधुमक्खियों के हमले में ये हुए घायल प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश घायलों को छुट्टी दे दी गई, लेकिन सत्यनारायण पुत्र मदनलाल (78) और घनश्याम पुत्र मांगीलाल (65) की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य प्रभावितों में विमाल पत्नी दिनेश (40), हेमलता पत्नी भुवान (22), सीमा पत्नी राकेश (30), बिदामी पत्नी भंवरराम (60), लीला पत्नी अर्जुनराम (45), योगेश पुत्र मोहनराम (10), मनसुख पुत्र अमरराम (7), कानाराम पुत्र प्रेमसुख (20), प्रेमसुख पुत्र मेहराम (50), शक्तिमान पुत्र मदनराम (25), अमरचंद पुत्र कैलाशराम (32) तथा रणजीत पुत्र रामलाल (14) शामिल हैं।