मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जल महल की पाल पर राज्य स्तरीय स्वच्छता जागरूकता व श्रमदान कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जल महल की पाल पर श्रमदान व पौधरोपण कर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने झाड़ लगाई और कचरा संग्रहित किया। इसके साथ ही जनसमूह को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। उन्होंने स्वच्छता योद्धाओं को पीपीई किट और चयनित लाभार्थियों को पीएम स्वनिधि योजना के चेक वितरित करने के साथ ही रोड स्वीपिंग मशीन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने ‘इंप्लिमेंटेशन प्लान फॉर सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री सिटीज’ पुस्तिका का विमोचन किया तथा स्वच्छता के कर्तव्य पट्ट पर हस्ताक्षर भी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता समाज और सरकार की साझा जिम्मेदारी है। सरकार प्रदेश को स्वच्छ और सुन्दर बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आमजन स्वच्छता योद्धाओं का सम्मान और सहयोग कर इनका मनोबल बढ़ाएं ताकि ये स्वच्छता की मुहिम में और तेज गति से कार्य कर सकें। उन्होंने आह्वान किया कि पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करें। इस अवसर पर सांसद मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा और बालमुकुंदाचार्य, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य लोग मौजूद रहे। राजस्थान के 42 हजार 492 गांव ओडीएफ प्लस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 2 लाख 62 हजार व्यक्तिगत तथा 4 हजार से अधिक सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। वहीं 42 हजार 492 से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ने जल स्रोतों, राजकीय कार्यालयों, अस्पतालों एवं विद्यालयों आदि की साफ-सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।