फतहसागर किनारे मुंबइया बाजार पॉइंट पर 11 माह से बोटिंग ठप पड़ी है। यूडीए की कमजोर प्लानिंग और देरी से लिए गए फैसलों का खामियाजा खुद उसके साथ पर्यटकों को व्यापारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। इसका सीधा असर रानी रोड और मोती मगरी बोटिंग पॉइंट पर देखने को मिल रहा है, जहां पर्यटकों का दबाव कई गुना बढ़ गया है। मुंबइया बाजार पॉइंट पर पहले 8.62 करोड़ सालाना की दर से टेंडर हुआ था। यानी बोटिंग शुरू नहीं होने से यूडीए को इतनी ही राशि का नुकसान हो चुका है। दूसरी तरफ बोटिंग बंद होने से मुंबइया मार्केट में दोपहर के समय ग्राहकी लगभग खत्म हो गई है। पहले यहां सुबह से पर्यटकों की आवाजाही लगी रहती थी। मुंबइया बाजार एसोसिएशन के संरक्षक भरत साहू ने बताया कि यहां करीब 32 दुकानें, ठेला गाड़ी सहित 60 से 70 व्यापारी स्टॉल चलाते हैं। इन सबके व्यापार पर असर पड़ रहा है। क्योंकि, इस जगह पर्यटकों के लिए बोटिंग का सबसे बड़ा पॉइंट था। पहले दिनभर में यहां तीन हजार से ज्यादा पर्यटक आते थे। अब मुश्किल से 1500 भी नहीं रहे। शाम को ही कुछ फुटफॉल रहता है। इसमें भी लोकल ज्यादा होते हैं। चीन से मंगाना पड़ा बोट का इंजन, देरी पर यूडीए ने रद्द कर दिया टेंडर पिछले साल 31 दिसंबर को टेंडर की अवधि पूरी होने पर यूडीए ने मुंबइया बाजार पॉइंट से बोटिंग रुकवा दी। मार्च में प्रक्रिया पूरी कर फर्म उज्जैन ड्रीम्स को 8.62 करोड़ सालाना दर पर 6 साल के लिए टेंडर दिया। इसमें 3 इलेक्ट्रिक स्पीड और 4 फेरी बोट चलाई जानी थीं। फर्म से बोटिंग शुरू करने का प्रस्ताव मांगा गया। चार फेरी बोट तो आ गईं, लेकिन स्पीड बोट का इंजन चीन से आने में एक महीना लग रहा था। इस पर यूडीए ने टेंडर रद्द कर दिया। चीन से इंजन आने पर मुंबई में बोट बनाकर जुलाई में उदयपुर पहुंच भी गई। अब यह बड़ी तालाब के पास खड़ी है। फर्म ने हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर स्टे मिला। अभी 14 बोट का संचालन फतहसागर झील में अभी मोती मगरी पॉइंट से 7 और रानी रोड से नेहरू गार्डन जाने के लिए 7 बोट का संचालन किया जा रहा है। इस नए पॉइंट से नेहरू गार्डन की दूरी करीब 1 किमी है, जबकि मोती मगरी से आधा किमी थी। यानी 500 मीटर का रास्ता बढ़ गया है। यूडीए ने देवाली छोर से बोटिंग की योजना बनाई, हाईकोर्ट स्टे से अटका काम यूडीए ने मुंबइया बाजार पॉइंट का मामला कोर्ट में जाने के बाद देवाली छोर से बोटिंग शुरू करने की योजना बनाई। इसके लिए सौर ऊर्जा/बैटरी से संचालित बोट के लिए 5.50 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला गया था। यहां से स्पीड बोट चलाई जानी थी। इसके लिए गत 30 अगस्त को चार साल के लिए टेंडर निकाले गए थे। शर्त में जोड़ा गया कि मियाद 2 साल तक बढ़ाई जा सकेगी। इस पॉइंट से 7 सोलर बोट और 1 पेट्रोल की रेस्क्यू बोट का संचालन किया जाना था। लेकिन, उज्जैन ड्रीम्स फर्म ने इस पर हाईकोर्ट से स्टे लगाकर यूडीए की योजना पर पानी फेर दिया।
