सोलर प्लांटों पर काम लेकर अब ठेकेदारों के बीच संघर्ष के हालात बनते जा रहे हैं। करणीसर भाटियान में शनिवार को वारी सोलर प्लांट पर दो गुटों में मारपीट हो गई। कर्मचारियों को पीटा गया और एक ठेकेदार की गाड़ियां तोड़ दी गईं। सूचना मिलने पर पूगल पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी भाग खड़े हुए। करणीसर भाटियान में वारी कंपनी के सोलर प्लांट पर इन दिनों बैचिंग का काम चल रहा है। वहां दो ठेकेदार काम कर रहे हैं। पूरा काम एक ही ठेकेदार के पास हो, इसे लेकर वहां कई दिनों से विवाद चल रहा है। शनिवार सुबह ठेकेदार धीरेंद्र सिंह और उसके साथियों ने दूसरे ठेकेदार श्रवण सिंह पर हमला कर दिया। वहां काम कर रहे वारी के कर्मचारियों के साथ भी मारपीट की। श्रवण की गाड़ियां तोड़ डालीं। टायर फोड़ दिए। सूचना मिलने पर पूगल थाने के हेड कांस्टेबल नरेंद्र कुमार दल सहित मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही आरोपी भाग खड़े हुए। वारी पर काम करने वाले कोलायत निवासी गुरमीत पुत्र तुलछाराम ने धीरेंद्र सिंह, बजरंग सिंह झाला, रघुवीर लूणखां, पवन पालीवाल आदि के खिलाफ गाली-गलौच और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। हेड कांस्टेबल मनोहर सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच सीओ खाजूवाला करेंगे। बॉर्डर एरिया में बाहरी लोग, पुलिस वेरिफिकेशन ही नहीं भारत-पाक सीमा से सटे पूगल तहसील के करणीसर भाटियान, कालासर, लाखूसर सहित कई गांवों में सोलर प्लांट लगाने का काम चल रहा है। काफी जगह प्लांट लग भी चुके हैं। वहां पर दूसरे जिलों और अन्य राज्यों के श्रमिकों को काम पर लगाया जा रहा है, लेकिन किसी का भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हो रहा है। मामला सोलर का होने के कारण पुलिस ने भी आंखें मूंद रखी हैं। सौर ऊर्जा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है, इसलिए जिला प्रशासन भी राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई को लेकर गंभीर नहीं है। हालात ये हैं कि आए दिन सोलर प्लांटों पर फायरिंग और मारपीट की वारदातें हो रही हैं। केला गांव में कई बार विवाद हो चुका है। भानीपुरा में जुलाई में फायरिंग और मारपीट की घटना हुई थी। अब शनिवार को करणीसर भाटियान में विवाद हो गया। इसी गांव में दो दिन पहले एनएचपीसी लिमिटेड के प्लांट पर 193 खेजड़ी कटी थीं। सिक्योरिटी वालों ने तहसील के दल को अंदर नहीं घुसने दिया। इसे लेकर पूगल थाने में पटवारी ने शुक्रवार को केस दर्ज करवा दिया। क्या है बैचिंग प्लांट बैचिंग प्लांट एक ऐसी मशीनरी है, जो निर्माण के लिए आवश्यक कंक्रीट को उसके मुख्य घटकों—सीमेंट, रेत, गिट्टी (कुचला हुआ पत्थर) और पानी—को सटीक मात्रा में मिलाकर तैयार करती है, जिससे कंक्रीट की गुणवत्ता, एकरूपता और उच्च उत्पादकता सुनिश्चित होती है। यह रेडी-मिक्स कंक्रीट उत्पादन और बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। यह प्लांट सामग्री के भंडारण, तौल, मिश्रण और नियंत्रण के लिए एक स्वचालित या अर्ध-स्वचालित प्रणाली का उपयोग करता है। “करणीसर भाटियान में सोलर प्लांट पर काम को लेकर मारपीट हुई है। एक पक्ष ने केस दर्ज कराया है। आरोपियों की धरपकड़ के प्रयास किए जा रहे हैं।” — समरवीर सिंह, एसएचओ, पूगल
