अपनी जायज मांगों को लेकर मानसा के मजदूरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ‘मनरेगा यूनियन’ और ‘दलित दास्तां विरोधी आंदोलन’ के सांझे बैनर तले भारी संख्या में एकत्र हुए मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय के बाहर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान मानसा और बुढलाडा से आए सैकड़ों मजदूरों ने जिला कचहरी परिसर में विशाल रैली निकाली और पंजाब सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में मजदूरों ने डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से सरकार को एक मांग पत्र भी सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए मुख्य मजदूर नेताओं—जगसीर सिंह दलेल सिंह वाला, यूनियन प्रधान बिमला रानी और मनजीत सिंह ने कहा कि जिले में मनरेगा का काम पिछले लंबे समय से पूरी तरह बंद पड़ा है। काम न मिलने के कारण दिहाड़ीदार मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि रोजगार छिन जाने से गरीब मजदूर परिवारों के चूल्हे ठंडे पड़ गए हैं और वे भुखमरी व आर्थिक तंगी के कगार पर पहुंच चुके हैं। अधूरे पड़े आशियाने, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार मजदूर नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत बनाए जा रहे गरीबों के घरों की अगली किस्तें विभाग द्वारा जारी नहीं की जा रही हैं, जिसके कारण सैकड़ों मकान आधे-अधूरे पड़े हैं। इसके चलते कई गरीब परिवार इस बदलते मौसम में भी खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा, पंजाब सरकार द्वारा पिछले समय में आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए मकानों के लिए घोषित किया गया मुआवजा भी अब तक इन प्रभावितों को नहीं मिल पाया है। मनरेगा के नियमों में बदलाव और ऑनलाइन हाजिरी में भेदभाव के आरोप मजदूर नेता जगसीर सिंह ने मनरेगा योजना में केंद्र और राज्य स्तर पर किए गए बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियमों के कारण मजदूरों को केवल तालाबों की सफाई या पौधे लगाने जैसे गिने-चुने और सीमित काम ही दिए जा रहे हैं, जिससे उनके 100 दिन का रोजगार पूरा नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही नेताओं ने ऑनलाइन हाजिरी (NMMS) प्रणाली में आ रही दिक्कतों और हाजिरी लगाने में फील्ड स्टाफ द्वारा किए जा रहे भेदभाव के गंभीर आरोप भी लगाए। पूरी मजदूरी और तुरंत काम शुरू करने की मांग प्रदर्शनकारी मजदूरों ने सरकार और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मनरेगा के तहत लंबित पड़े कामों को तुरंत प्रभाव से दोबारा शुरू किया जाए, ताकि मजदूरों को काम मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा में पूरी और बढ़ी हुई मजदूरी देने, ऑनलाइन हाजिरी की विसंगतियों को दूर करने और प्रधानमंत्री आवास योजना की रुकी हुई किस्तें तुरंत जारी करने की अपील की है। मजदूर नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक गौर नहीं किया गया, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
