डूंगरपुर में रामकृष्ण विवेकानंद सेवा संस्थान का 33वां दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन शनिवार को प्रारंभ हुआ। रामकृष्ण विवेकानंद भाव प्रचार परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के प्रथम सत्र में विभिन्न संत-महात्माओं का स्वागत किया गया। सम्मेलन में रामकृष्ण आश्रम खेतड़ी के स्वामी आत्मनिष्ठानंद महाराज, रामकृष्ण आश्रम शिमला के स्वामी रत्नमिहिरानंद महाराज और रामकृष्ण आश्रम सादड़ी के स्वामी कृष्णानंदपुरी महाराज उपस्थित रहे। संस्था पदाधिकारियों ने माल्यार्पण एवं उपरना पहनाकर उनका स्वागत किया। राजस्थान सरकार के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। डॉ. विश्वनाथ दास, कनु भाई और जितेंद्र ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर वासुदेव पडया भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में वागड़ गांधी स्वर्गीय भोगीलाल पंड्या को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्य अतिथि के.के. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि वे स्वामी विवेकानंद के आशीर्वाद और प्रेरणा से ही अपने जीवन में कार्य कर पा रहे हैं। स्वामी आत्मनिष्ठानंद ने रामकृष्ण परमहंस के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर प्रकाश डालते हुए सत्संग के महत्व को बताया। स्वामी रत्नमिहिरानंद ने स्वामी विवेकानंद के जीवन आदर्शों पर चर्चा करते हुए महिला शिक्षा को राष्ट्र के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। वहीं, स्वामी कृष्णानंदपुरी ने माता शारदा के जीवन पर प्रकाश डाला और सभी में अच्छाई देखने तथा भक्ति-ध्यान के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश दिया। इस वार्षिक सम्मेलन में उदयपुर, किशनगढ़, कोटा, सादड़ी, जालोर, गंगानगर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संस्था अध्यक्ष ललित शुक्ला ने आभार व्यक्त किया।
