स्कूल में ज्वॉइनिंग को लेकर महिला टीचर और प्रिसिंपल के बीच बहस हो गई। प्रिंसिपल ने टीचर को कहा- तेरी जैसी फफूंद को बहुत देखा है, मरेगी कुत्ते की मौत.., तेरी जगह कोई लड़का होता तो थप्पड़ मार देता, सात गट्‌टे खाता..। घटना का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग ने एक कमेटी बनाई है, जिसने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला बाड़मेर जिले की एक गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल का है, जहां गुरुवार की दोपहर को यह घटना हुई। टीचर का कहना है- मैंने वॉट्सऐप पर पुलिस को लेटर भेज दिया था। थाने से पुलिस के स्टॉफ आए थे। उन्होंने थाने आने को बोला है। मैं एक घंटे तक परेशान होने के बाद मैंने रिकॉर्डर शुरू करके ऑडियो बनाया। इससे पहले 23 जनवरी को भी प्रिसिंपल ने मेरे साथ बहस की थी। वहीं प्रिसिंपल का कहना है कि महिला टीचर ने प्री प्लानिंग करके ऑडियो बनाया। ज्वॉइन का मैंने कोई मना नहीं किया। सामने रजिस्टर पड़ा है। वहां पर जाकर साइन कर दो। रिटर्न अनुमति की जरूरत नहीं है। टीचर ने कहा कि एप्लीकेशन पर लिखित में आप लिखोंगे तो ही मैं ज्वॉइन करूंगी। यह बहुत सारे सवाल-जवाब, तर्क-कुतर्क करने लगी। करीब एक घंटा तक परेशान कर दिया था। प्री-प्लानिंग के तहत उकसा कर ऑडियो बनाया। 4 मिनट 15 सेकेंड का है ऑडियो, पढ़िए- दोनों के बीच कहासुनी के अंश (आरोप है कि दोनों में कहासुनी होने लगी तो महिला टीचर ने फोन का रिकॉर्डर ऑन कर लिया) टीचर- अनुमति लेनी आई हूं।
प्रिसिंपल- माथा खाने की जरूरत नहीं है। वापस वहीं स्थिति। बहसबाजी कर रही है। मरेगी कुत्ते की मौत..। प्रिसिंपल के हावी हो रही है। तेरी जैसी की फफूंद देख कर आया हूं। यू तेरी तरह डरता तो आज तक नौकरी नहीं करता। टीचर- डरती मैं भी नहीं हूं।
प्रिसिंपल- आ मैदान में..। भाला, तलवार ले आ मैदान में। टीचर- मेरी तो कलम है।
प्रिसिंपल- कलम चला दें, तेरी कलम मेरे से पावरफुल है। टीचर- मैंने तो कहां नहीं… आपको भाला, तलवार पता नहीं क्या-क्या याद आ रहा है। प्रिंसिपल- तेरी कलम मेरे से ज्यादा चलती है। टीचर- मैंने आपसे कार्यग्रहण की स्वीकृति मांगी है। प्रिसिंपल- माथा खाने की जरूरत नहीं है, यहां से निकल जा। मैंने कह दिया यहां से निकल जा, बच्चों को पढ़ाए तो ठीक है, घर पर जाए तो भी ठीक है। जॉइन करें तो भी ठीक है। बहसबाजी मत कर। बकवास आपकी सुनना नहीं चाहता हूं। टीचर- मैंने आपसे स्वीकृति तो मांगी है आप मेरी एप्लीकेशन स्वीकृत कर दो। प्रिसिंपल- आपकी जगह कोई जेट्स होता तो सीधी थप्पड़ मारता। टीचर- अच्छी बात है, अभी मार दो कौन मना कर रहा है। प्रिसिंपल- जेंट्स होता तो यही पर लटका देता। इतनी बकवास मैंने नहीं की है। टीचर- इतनी देर से आप ही बकवास किए जा रहे है। प्रिसिंपल- बाल तो नहीं बनाए ना। टीचर- मैंने स्वीकृति मांगी है कार्यग्रहण करवाई। प्रिसिंपल- मरेगी कुत्ते की मौत। टीचर- मैंने कार्यग्रहण की एप्लीकेशन दी है, उस पर आप बहस कर रहे हो। प्रिसिंपल- बहस तो तूने सुबह से माहौल बनाया है। डेढ़ घंटे से माथाफोड़ी कर रही है। तेरी जुबान लंबी है। अब तेरे से ट्रीट यही होगा। जैसा चाहती है, वैसा ही होगा। प्रिसिंपल को खिलौना समझ रखा है। नौकरी कर रहा हूं ना जूते की नोक पर कर रहा हूं। टीचर- हम तो अपनी आजिविका सम्मान करते है। आपके लिए होगी प्रिंसिपल- आपकी जैसी, वहां (पहले की स्कूल) पर बड़ी-बड़ी जुबान वाली उनको संभालकर आया हूं। यही पर तरीका और एटीट्यूड था। यहां पर कोई लड़का होता तो थप्पड़ मारता। सात गट्‌टे खाता। टीचर- आप स्वीकृति दे दो फिर साइन करूं, किस बात के साइन कर दूं। प्रिंसिपल- मैं थप्पड़ खाएगी। महिला होने के नाते गम खा रहा हूं, जहर पी रहा हूं, तेरे जैसी कई फफूंद देखी है। प्रिसिंपल लेवल-1 से दब जाएगा। हालांकि इस दौरान अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई के लिए भेजेंगे विभाग को
हालांकि मामले में जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम चौधरी ने बताया कि यह ऑडियो जिले की एक हायर सेकेंडरी स्कूल का है। मेरे संज्ञान में आने के बाद जांच दल बैठाकर जांच करवा ली है। फाइनल जांच रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। तथ्यात्मक रिपोर्ट के बाद ही बता पाएंगे कि दोनों कौन है।