शादी के 3 साल बाद विवाहिता की मौत हो गई। महिला का 4 दिन से जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में इलाज चल रहा था। मृतका के भाई ने बहन के ससुराल वालों पर जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा- बहन के ससुराल वाले उसको बांझ होने का ताना देते थे। दहेज में कार नहीं दी तो उसे जहर देकर मार दिया। विवाहिता की मौत के बाद परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए और शव उठाने से इनकार कर दिया है। भाई ने कहा- मेरी बहन को मौत देने वालों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि मेरी बहन की आत्मा को शांति मिल सके। मई 2022 में हुई थी शादी, पति का जयपुर में बिजनेस
मृतका के भाई इंद्रजीत राजपुरोहित निवासी धर्मधारी गांव (पाली) ने बताया- खुशबू (32) की शादी मई 2022 में पाली जिले के पिलोवनी गांव निवासी हर्षित सिंह के साथ हुआ था। उनका परिवार जोधपुर में रहता है। हर्षित सिंह का जयपुर में सोलर का बिजनेस है। मेरे पिता अमर​ सिंह राजपुरोहित की पाली शहर में इलेक्ट्रिक शॉप है। आर्थिक स्थिति के अनुसार बहन की शादी में दहेज दिया था। शादी के कुछ समय तो सब कुछ ठीक था, लेकिन बाद में इनके रिश्ते बिगड़ने लगे। कुछ महीने बाद ही खुशबू की सास और जेठानी कम दहेज लाने के ताने देने लगी। दहेज कम लाने और बांझ होने के ताने देने लगे
इंद्रजीत ने बताया- इसके बाद वे दहेज में कार नहीं लाने के ताने देने लगी। कुछ समय बिता तो खुशबू को बांझ होने के ताने देने लगी। इन तानों से खुशबू मानसिक और शारीरिक रूप से काफी टूट गई थी। वह पति हर्षित को अपने साथ जयपुर ले जाने के लिए कहती थी, लेकिन पति ने भी उसकी बात को अनसुना कर दिया था। खुशबू के कहने के बाद भी हर्षित उसे अपने साथ जयपुर नहीं ले जा रहा था। वह जोधपुर भी महीने या 2 महीने में एक बार आता था। जब खुशबू उदास रहने लगी तो मैंने और छोटी बहन ने कारण पूछा। तब उसने ससुराल में उसके साथ हो रहे बर्ताव के बारे में बताया। इसके बाद हम उसे पीहर ले आए थे। 4 महीने से पीहर थी, दीपावली से पहले साथ ले गए थे ससुराल वाले
भाई ने बताया- खुशबू जुलाई 2025 से हमारे साथ पाली में रह रही थी। 16 अक्टूबर 2025 को बहन के ससुराल पक्ष के लोग पाली आए। यहां समाज और परिवार के लोगों के सामने वादा किया कि उसे किसी तरह की कोई समस्या नहीं होगी। इस पर हमने दीपावली से पहले खुशबू को ससुराल वालों के साथ भेज दिया। इंद्रजीत ने बताया- 21 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे सुसराल वालों का फोन आया कि खुशबू ने कुछ खा लिया है, इस कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई है। उन लोगों ने मुझे कहा- अकेले ही आना, किसी को साथ लेकर मत आना। बेहोश होने के बाद बहन को हॉस्पिटल लाए ससुराल वाले
उधर, जब तक खुशबू बेहोश नहीं हो गई, तब तक ससुराल वाले उसे हॉस्पिटल तक नहीं लेकर आए, क्योंकि उसे यहां लाते तो समय पर बयान हो जाते और सच्चाई सामने आ जाती। खुशबू के बेसुध होने पर उसे मथुरादास माथुर हॉस्पिटल लाया गया। भाई ने कहा- जब हम हॉस्पिटल में पहुंचे तो खुशबू वेंटिलेटर पर थी। वह बयान देने की हालत में भी नहीं थी, क्योंकि उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। भाई ने आरोप लगाया- खुशबू को उसके ससुराल वालों ने जहर देकर मारा है। टीचर बनने का सपना था, तानों से डिप्रेशन में चली गई
भाई ने बताया- खुशबू ने MA तक की पढ़ाई की थी। उसका टीचर बनने का सपना था। इसके लिए उसने BSTC भी की थी। सोचा था कि शादी के बाद तैयारी करूंगी और टीचर बन गई तो घर खर्च चलाने में पति की मदद होगी और सपना भी पूरा हो जाएगा। लेकिन ससुराल के लोगों के तानों ने खुशबू को अंदर से इतना तोड़ दिया कि वह अपने जीवन का लक्ष्य भूलकर डिप्रेशन में चली गई।