एप्स्टीन फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम सामने आने के विरोध में चंडीगढ़ महिला कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कमलम जाने वाले रोड पर मार्च निकाला। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ निकाले गए इस मार्च के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और केंद्रीय मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाते हुए उनका पुतला जलाया। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और कांग्रेस व महिला कांग्रेस के झंडे लेकर केंद्र सरकार और हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मार्च का नेतृत्व चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एचएस लकी, चंडीगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष नंदिता हुड्डा, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की सचिव डॉ. साक्षी चौधरी, कोऑर्डिनेटर शालिका, पार्षद प्रेमलता और पार्षद तरुणा मेहता सहित महिला कांग्रेस की कई वरिष्ठ नेत्रियों ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मामला बेहद गंभीर और शर्मनाक महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष नंदिता हुड्डा ने कहा कि एप्स्टीन फाइल में एक केंद्रीय मंत्री का नाम सामने आना बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद हरदीप सिंह पुरी का अब तक इस्तीफा न देना और भी दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि देश की गरिमा, राजनीतिक नैतिकता और जवाबदेही से जुड़ा प्रश्न है। ऐसे में नैतिक आधार पर केंद्रीय मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। दुनिया में नेता लेते हैं नैतिक जिम्मेदारी अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की सचिव डॉ. साक्षी चौधरी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया में जब भी किसी राजनेता या उच्च पद पर बैठे व्यक्ति का नाम इस तरह के गंभीर मामलों में सामने आता है, तो वह नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देता है। उन्होंने कहा कि भारत में इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि सरकार जवाबदेही से बचना चाहती है और सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच. एस. लकी बोले कि चंडीगढ़ महिला कांग्रेस हमेशा जनहित और नैतिक मूल्यों से जुड़े मुद्दों पर अग्रिम पंक्ति में खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच नहीं होती, तब तक केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
